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तप से होता है आत्म कल्याण व कर्म निर्झरा :- कैवल्यप्रियाश्री

– तपस्वी साध्वी कैवल्यप्रियाश्री आदिठाणा-2 का बाड़मेर नगर में हुआ मंगल प्रवेश

-सादगी व सौम्यता के साथ हुआ चातुर्मासिक प्रवेश

बाड़मेर – ओम एक्सप्रेस । श्री अचलगच्छ जैन श्री संघ, बाड़मेर में गुरुवार को सौम्यमूर्ति, तपस्वी साध्वी कैवल्यप्रियाश्री आदिठाणा-2 का श्री गुणसागर सूरि साधना भवन में स्वागत-सौमैये के साथ सादगी व सौम्यता से चातुर्मासिक मंगल प्रवेश सम्पन्न हुआ ।

श्री अचलगच्छ जैन युवक परिषद के अध्यक्ष मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि बाड़मेर अचलगच्छ जैन श्रीसंघ में तपस्वी साध्वी कैवल्यप्रियाश्री मसा आदिठाणा-2 का बाड़मेर नगर प्रवेश चौहटन रोड स्थित श्री बाड़मेर मशीनरी स्टोर से प्रारंभ हुआ । जहाँ से साध्वी वृन्द शहर के मुख्य मार्गों चौहटन रोड, रेन बसेरा अस्पताल, महाबार रोड, जैन न्याति नोहरे की गली से होते हुए श्री गुणसागर सूरि साधना भवन में मंगल प्रवेश हुआ । जहाँ साधना भवन के द्वार पर श्री अचलगच्छ जैन श्रीसंघ, बाड़मेर द्वारा साध्वीवृन्द को अक्षत से बधाया गया ।

साधना भवन में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश पर साध्वी श्री कैवल्यप्रियश्री मसा ने श्रावक-श्राविकाओं से घर पर रहकर जप-तप आराधना-साधना व प्रभुभक्ति करने का आह्वान किया और कोरोना जैसी महामारी से बचाव को लेकर सावधानी बरतने को कहा । साध्वीश्री ने कहा कि तप से ही आत्म-कल्याण और कर्म-निर्झरा होती है ।

मंगल प्रवेश पर अचलगच्छ जैन श्रीसंघ, बाड़मेर के अध्यक्ष संपत राज वडेरा में साध्वीवृन्द का स्वागत करते हुए समस्त संघजनों का आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया । वही अखिल राजस्थान अचलगच्छ जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष बाबूलाल वडेरा ने अपनी बात रखते हुए कोरोना महामारी में सजग एवं सचेत रहने की हिदायत दी और घर पर रहकर साधना-आराधना करने की बात कही । साध्वीवृन्द के प्रवेश पर संघ की ओर से सोशियल डिस्टेंस एवं मास्क पहनने की सख्ती से पालना की गई ।

साध्वीवृन्द के मंगल प्रवेश पर श्री अचलगच्छ जैन श्री संघ, बाड़मेर , श्री अचलगच्छ जैन युवक परिषद, श्री चिंतामणि पार्श्व बहु व श्री आर्य गुण समय श्री बालिका मंडल के मुख्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे ।

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