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तेज बहाव में त्रिवेणीगंज से बहने वाली चिलौनी नदी का टूटा डायवर्सन

-चिलौनी नदी पर बना डायवर्सन बहा, 3 दर्जन गांव के 50 हजार लोगों का अनुमंडल मुख्यालय से संपर्क टूटा…

-बरसात की शुरुआत में ही डायवर्सन ध्वस्त हो गया।

-यह डायवर्सन मधेपुरा के दर्जनों गांव को त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ता है

-डायवर्सन निर्माण में बंदरबांट का आरोप

बिहार(सुपौल)-( कोशी ब्यूरों)-नेपाल व जिले में हो रही लगातार बारिश से नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण त्रिवेणीगंज प्रखंड मुख्यालय से मचहा(कुशहा) जाने वाली चिलौनी नदी पर बना डायवर्सन रविवार की संध्या टूट गया।

यह डायवर्सन सीमावर्ती जिले मधेपुरा के दर्जनों गांव को त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ता है। डायवर्सन के टूट जाने से मधेपुरा जिला के दो दर्जन और त्रिवेणीगंज प्रखंड के एक दर्जन गांव के करीब पचास हजार आबादी का संपर्क त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय भंग हो गया है। इसके कारण लोगों को अनुमंडल मुख्यालय आने के लिए कई किलोमीटर ज्यादा की दूरी तय कर आना पर रहा है।सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड एवं मधेपुरा जिला के शंकरपुर प्रखंड के दर्जनों गांवों को जोड़ने के उद्देश्य से कई दशक पूर्व चिलौनी नदी पर पुल निर्माण कराया था, लेकिन 2008 में आई प्रलयंकारी कुशहा त्रासदी में पुल का दो पाया ध्वस्त हो गया था। इसके बाद इस सड़क पर आवागमन को पुन: बहाल करने के लिए 2017, 2018 एवं 2020 में तीन बार डायवर्सन का निर्माण किया गया। तीनों बार बरसात का मौसम आते ही नदी की तेज धारा में डायवर्सन टूट गया।

डायवर्सन निर्माण में बंदरबांट का आरोप

प्रखंड के मचहा(कुशहा) समाजसेवी जितेंद्र कुमार अरविंद,तारणी प्रसाद यादव,बीरेंद्र कुमार,अरविंद कुमार,मिथिलेश कुमार, आदि ने बताया कि डायवर्सन निर्माण में अधिकारियों व संवेदकों की मिलीभगत से केवल राशि की बंदरबांट की गई है। जितनी राशि डायवर्सन निर्माण में विभाग ने खर्च की है। उतनी राशि में इस स्थल पर पुल का निर्माण किया जा सकता था। इस बाबत एसडीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि पानी कम होने पर डायवर्सन का निर्माण कराया जाएगा।

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