

रिपोर्ट – श्याम जैन
ओम एक्सप्रेस -सादुलपुर 7 जुलाई। राजगढ़ के थानाधिकारी रहे विष्णुदत्त विश्नोई संदिग्ध आत्महत्या प्रकरण की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। इस मामले में धीरे धीरे कई खुलासे हो रहे हैं। इन खुलासों में एक एक कर कई गंभीर बातें व घटनाक्रम सामने आते जा रहे हैं।
जिसके चलते विष्णु दत्त विश्नोई की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी संदेह के घेरे में आ रही है। हालांकि अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है, मगर कहीं ना कहीं से यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट मीडिया में आ चुकी है। पोस्टमार्टम विष्णु दत्त विश्नोई आत्महत्या के पश्चात करीब 24 घंटे तक चले आंदोलन के बाद 24 मई को प्रातः उनका पोस्टमार्टम किया गया। उस दौरान पुलिस व प्रशासन के उच्चाधिकारियों ने मीडिया के समक्ष कहा था कि पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा करवाया गया है , जिसमें मेडिकल ज्यूरिस्ट भी शामिल रहे हैं। चूंकि यह बात उच्चाधिकारियों द्वारा सार्वजनिक तौर पर कही गई थी इसलिए उस पर कोई आशंका नहीं रहती, मगर अब जो रिपोर्ट के बिंदू सामने आए, उस पर चारों तरफ से सवालिया निशान लग रहे हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट जो तैयार की गई है, उसके प्रथम पेज पर एकमात्र चिकित्सक डॉक्टर श्रवण कुमार का ही नाम है। उन्हीं के द्वारा यह पोस्टमार्टम किया गया। बोर्ड में शामिल अन्य चिकित्सकों के हस्ताक्षर नहीं है। हालांकि अंतिम पेज पर एक और डॉक्टर के भी हस्ताक्षर हैं, जो रिपोर्ट तैयार किए जाने के बाद भी करवाए जा सकते हैं ?


यहां यह भी उल्लेखनीय है डॉ. श्रवण कुमार वही चिकित्सक हैं जो पोस्टमार्टम व मेडिकल रिपोर्ट बनाने के मामले में ना सिर्फ विवादित आरोपित रहे हैं, बल्कि उनके इस प्रकार के ऑडियो भी वायरल हो चुके हैं। इसके अलावा दूसरी बात यह भी है कि संदिग्ध मौत और जन आंदोलन की स्थिति के बाद करवाए गए पोस्टमार्टम में सिर्फ औपचारिकता होना ही नजर आती है। पोस्टमार्टम के दौरान किसी प्रकार का विसरा लेकर एफएसएल को नहीं मिल पाया। ऐसा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा हुआ है “नो सैंपल सेंड टू एफएसएल बीकानेर” इस प्रकार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामला और संदिग्ध होता जा रहा है। जहां एक तरफ विष्णुदत्त की मौत को ही संदिग्ध माना गया है तथा उनकी आत्महत्या के कारणों का कोई नया खुलासा होने की पूरी संभावना है, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवालिया निशान उठना लाजिमी है।
