

– अपनी सरकार को दी हिदायत, कहा- पंजाब सरकार हर पांच गांव में एक कोल्ड स्टोर का निर्माण करवाए
चंडीगढ़ रिपोर्ट – राजेंद्र सोनी।करीब डेढ़ साल बाद अमृतसर में रविवार को पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने सार्वजनिक मंच से अपने चिर परिचित अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रावण का अहंकार भी टूट गया था, मोदी का अहंकार भी जल्दी ही टूट जाएगा। सिद्धू रविवार को चमरंग रोड पर कंबल वितरण करने पहुंचे थे। उन्होंने स्लम बस्ती के लोगों के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया। हालांकि उनका जन्मदिन 19 अक्तूबर को था लेकिन उन्होंने रविवार को लोगों के साथ इसे सेलिब्रेट किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की आवाज दबा रही है। कृषि कानून इसलिए लाया गया कि किसानों के कानूनी अधिकार छीनकर अंबानी-अडानी के हाथों में पंजाब की मंडियां सौंप दी जाएं। गोदाम में अनाज तो होगा, पर अंबानी-अडानी इसे पचास से सौ गुणा रेट पर बेचेंगे। मोदी सरकार ने रोटी को बुनियादी जरूरत में शामिल नहीं किया। यह मोदी सरकार का अहंकार है, जिसे तोड़ना जरूरी है। मैं शंखनाद करता हूं कि इस लड़ाई में सभी इकट्ठे होकर कूदें। आज किसान को पगड़ी संभालने की जरूरत है, अन्यथा सरकार उसका सारा माल लूट लेगी। सिद्धू ने कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए शैतान का रूप अपनाया है।


भाइयों और बहनों! मतलब निकल गया तो अब पहचानते नहीं, यूं जा रहे हैं जैसे हमें जानते नहीं। पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस बार सार्वजनिक मंच से सरकार को हिदायत दी। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार हर समस्या का समाधान कर सकती है। पंजाब सरकार के पास फसल की भंडारण क्षमता नहीं है। किसान के पास अपनी फसल सीधे मार्केट में बेचने के साधन नहीं हैं। ऐसे में पंजाब सरकार हर पांच गांव में एक कोल्ड स्टोर का निर्माण करवाए। सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार को प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री स्थापित करने की दिशा में काम करना होगा। पंजाब सरकार किसान के उत्पादों में निवेश करे तो केंद्र का दखल ही खत्म हो जाएगा। पंजाब में फसली विविधता नहीं है, क्योंकि सिर्फ दो ही फसलों पर एमएसपी है। पंजाब में सरकारी खरीद की मांग-सप्लाई मॉडल बनाया जाए। तीन करोड़ की आबादी वाले पंजाब में फसल की सरकारी खरीद हो। पंजाब सरकार ने कृषि सुधार बिल का विरोध किया, विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया। यह प्रशंसनीय है।
