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दिमाग की कुश्ती है शतरंज : डॉ. कल्ला


बीकानेर में प्रथम अंतरराष्ट्रीय ओपन ग्रांड मास्टर्स प्रतियोगिता  का समारोहपूर्वक हुआ समापन
जो हारता है वह एक दिन बड़ी जीत प्राप्त करता है : महावीर रांका
तमिलनाडू के दो भाई बने विजेता-उपविजेता, दिनेश कुमार ने जीता एक लाख का ईनाम

बीकानेर। हमारी विल पावर मजबूत है तो हम किसी भी चुनौती को स्वीकार कर सकते हैं। शतरंज एक ऐसा खेल है जिसमें दिमाग से कुश्ती लड़ी जाती है। यह उद्बोधन शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने गंगाशहर के आशीर्वाद भवन में आयोजित बीकानेर में प्रथम अंतरराष्ट्रीय ओपन ग्रांड मास्टर्स प्रतियोगिता के समापन समारोह केे दौरान व्यक्त किए। समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए राजस्थान शतरंज संघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर रांका ने कहा कि जो हारता है वह एक दिन बड़ी जीत को भी प्राप्त करता है और जीतने वाला भी और बड़ी सफलता की ओर बढ़ता है। प्रतियोगिता निदेशक एसएल हर्ष ने बताया कि बी कैटेगरी में तमिलनाडू के दिनेश कुमार जगन्नाथ एवं किशोर कुमार जगन्नाथ बंधुओं में विजेता व उपविजेता का खिताब जीता। विजेता रहे दिनेश कुमार ने कुल साढ़े आठ अंक बनाकर 1,00,000 का नगद ईनाम जीता। किशोर कुमार ने 7.30 अंकों से 75000 का ईनाम जीता। अन्य स्थानों पर अजय वीरवाणी, निर्गुण केवल रूपेश रेड्डी (आंप्र), रूपम मुखर्जी (दिल्ली) दिनेश गोयल (दिल्ली) सभी 7.30 अंकों से दूसरे से सातवें स्थान तक रहे। सभी को 65, 50, 45, 30 हजार नगद इनाम दिए गए।
आयोजन से जुड़े रमेश भाटी ने बताया कि समापन समारोह में आयोजक बाफना स्कूल के सीइओ डॉ. पीएस वोहरा, विकास अग्रवाल, सुरेंद्र जैन बद्धाणी, जयकुमार सामसुखा, पूनमचंद चोरडिय़ा, महेश शर्मा, मोहनलाल कच्छावा, अरिहन्त नाहटा एवं नरपत सेठिया, घनश्याम रामावत, व अरविन्द रांका  ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। संचालन किशोरसिंह राजपुरोहित ने किया। प्रतियोगिता प्रबंधक पवन महनोत ने आयोजकों व अतिथियों का आभार जताया। विश्वभर में सुप्रसिद्ध रसगुल्ला भुजिया व मिठाई सभी प्रतिभागियों को भेंट की गई।

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