Site icon OmExpress

दुष्यंत चौटाला ने किया पन्नीवाला मोटा में हरियाणा का पहला मॉडल स्किल सेंटर का उद्घाटन

युवाओं को हुनर के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य-दुष्यंत चौटाला
अनूप कुमार सैनी
सिरसा, 10 मार्च। युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास व परंपरागत हुनर के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिला सिरसा के गांव पन्नीवाला मोटा में हरियाणा का पहला मॉडल स्किल सेंटर स्थापित किया गया है। युवाओं को कोर्स पूरा होते ही रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे और भविष्य में इस दिशा में ओर तेजी से काम किया जाएगा।
यह बात उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को गांव पन्नीवाला मोटा स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में स्थापित मॉडल स्किल सेंटर का उद्घाटन उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही। इससे पहले उप मुख्यमंत्री ने सैंटर में चलाए जाने वाले सभी कोर्स के क्लास रुम व लैब का गहनता से निरीक्षण करते हुए सैंटर संचालक से जानकारी ली।
दुष्यंत ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ युवाओं का कौशल विकास होना जरूरी है। कौशल विकास से ही रोजगार तक का सफर तय होगा। प्रदेश सरकार का भी यही लक्ष्य है कि युवाओं का कौशल विकास कर उन्हें रोजगारपरक बनाया जाए।

उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में पन्नीवाला मोटा गांव के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रदेश का पहला मॉडल स्किल सेंटर है और यह केंद्र विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त है। इस सेंटर में मुख्यत: चार कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ-साथ खाने की सुविधा भी निशुल्क दी जाएगी। इस मॉडल स्किल सेंटर में शुरुआत में विभिन्न टे्रडों में 240 बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस सेंटर से सिरसा जिला के युवाओं को ही नहीं बल्कि प्रदेश के युवाओं को भी इसका लाभ मिलेगा। उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने स्किल सेंटर की टीम को सेंटर स्थापना में तेजी से काम करने पर बधाई देते हुए कहा इस सेंटर से तीन महीने का कोर्स पूरा करने उपरांत अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस सेंटर में 240 बच्चों को चार विभिन्न ट्रेड में ट्रैनिंग दी जा रही है और आगामी दो सालों में प्रदेश के सभी 22 जिलों में इस प्रकार के मॉडल स्किल सेंटर स्थापित किया जाएंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मॉडल स्किल सेंटर में चार कोर्स करवाए जाएंगे, जिनमें क्राफ्ट बेकर, वेयर हाऊस पैकर, सैंपलिंग टेलर व सहायक इलैक्ट्रशियन शामिल हैं। इन सभी कोर्स में तीन से चार महीने के अवधि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां से कोर्स पूरा करने उपरांत युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार उपलब्ध होगा।

उनका कहना था कि कोर्स करने के बाद स्वयं का रोजगार भी स्थापित कर सकता है, इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन का लक्ष्य युवाओं को उनकी दक्षता के अनुसार कौशल बना कर रोजगार के अवसर सृजित करना है। किसी भी देश व प्रदेश का आर्थिक विकास रोजगार गति से जुड़ा होता है। आने वाले समय में परंपरागत कौशल विकास के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में काम किया जाएगा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष जेजेपी कृष्ण कंबोज, एसडीएम जयवीर यादव, सीपीआईटी निदेशक गौरव सुखीजा, अमन सेतिया, डा. विरेंद्र सिवाच, डा. हरी सिंह भारी, सुरेंद्र बेनीवाल, सुखमंदर सिंह ओढां, रानियां हलका के हलका अध्यक्ष जयपाल नैन, कुलदीप करिवाला, गुरमंगत सिंह, निर्मल सिंह मलड़ी व अन्य जननायक जनता पार्टी के पदाधिकारी मौजूद थे।

Exit mobile version