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धरने के पांचवे दिन सद्बुद्धि यज्ञ में आहुतियां देकर ईसीबी कार्मिकों ने की सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना

– आई.आई.टी. से पीएचडी किये गुरुजन व अशैक्षणिक कार्मिक आर्थिक तंगी के चलते कल मांगेंगे सड़क चौराहों पर कटोरा लेकर भीख, घर खर्च चलाना हुआ मुश्किल

बीकानेर।राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर ईसीबी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पिछले 7 माह से वेतन की मांग को लेकर धरने पर बैठे कार्मिकों ने निर्दयी राजस्थान सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ सुभाष गर्ग एवं इसी विभाग के गहरी निंद्रा में सोए हुए अधिकारियों को जगाने के लिए एवं सद्बुद्धि देने के लिए सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया।
राजस्थान इंजीनियरिंग कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन रेक्टा बीकानेर इकाई के तत्वाधान में चल रहे इस धरना प्रदर्शन के पांचवे दिन भी सभी कार्मिकों,शिक्षकों एवं कर्मचारियों यज्ञ में आहुति देकर सरकार को चेतावनी दी यदि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो सभी कार्मिक अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ कर इस आंदोलन को जन -आंदोलन के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा । रेक्टा की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष डॉक्टर शौकत अली ने बताया कि कल दिनांक 31 अक्टूबर 2020 को आर्थिक तंगी के चलते सभी कार्मिक मुख्य बाजार एवं बीकानेर के मुख्य मार्गों पर कटोरी में भीख मांगने का कार्य करेंगे जिससे सरकार की निंद्रा खोलकर कार्मिकों के वेतन समस्या के जल्द निराकरण मांग की जाएगी ।

रेक्टा प्रवक्ता डॉ महेंद्र व्यास ने बताया कि बताया के की राजस्थान सरकार की 11 स्वायत्तशासी इंजीनियरिंग कॉलेजों की वित्तीय स्थिति पिछले 1 वर्ष से बेहद खराब चल रही हैं जिसके कारण सरकार के मंत्रियों ,सभी आला अधिकारियों को समय-समय पर इस बात की सूचना दे दी गई परंतु फिर भी सरकार के मंत्रियों एवं अधिकारियों के कान में जूं भी नहीं रेंग रही है जिसका खामियाजा महाविद्यालय के 401कार्मिकों को भुगतना पड़ रहा है। सभी कार्मिकों ने आह्वान करते हुए सरकार से मांग की उनकी वेतन संबंधित समस्या के स्थाई निवारण के लिए जल्द ही सरकार की ओर से कदम उठाया जाए। धरना प्रदर्शन को विभिन्न कार्मिकों ने संबोधित किया जिसमें मुख्यतः डॉ जितेंद्र जैन, डॉ जब्बार खिलजी, डॉ रविंद्र दायमा, मनोज छिपा ,अमितओझा ,कुंजीलाल स्वामी, उदय व्यास ,नवरत्न किराडू रणजीत सिंह राठौड़, विनीत राणा ,डॉ गरिमा प्रजापत, डॉ धर्मेंद्र सिंह , धनरूपमल नागर ,डॉ विजय शर्मा आदि थे ।

किसी भी सरकार के लिए इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि उसके राज्य के शिक्षक भीख मांगने पर मजबूर हो जाए l सरकार तुरंत वेतन समाधान करे, नहीं तो ये आन्दोलन आगामी दिनों में और विराट रूप लेगा

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