जयपुर, 16 जून, 2026: धूम्रपान, शराब का सेवन, असंतुलित आहार और निष्क्रिय जीवनशैली केवल खराब आदतें नहीं हैं, बल्कि ये पुरुषों में रोकी जा सकने वाली मौतों के प्रमुख कारण हैं। इनका प्रभाव धीरे-धीरे, बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होता है, लेकिन समय रहते पहचान होने पर इसे काफी हद तक रोका और सुधारा जा सकता है।
पुरुष जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से अधिक प्रभावित होते हैं—ऐसी बीमारियाँ जो वर्षों तक अस्वस्थ आदतों के कारण धीरे-धीरे विकसित होती हैं और अंततः हार्ट अटैक, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज़ और कैंसर जैसी गंभीर स्थितियों में बदल जाती हैं। इन बीमारियों को खासतौर पर खतरनाक बनाता है शुरुआती चेतावनी संकेतों का अभाव। अक्सर जब तक व्यक्ति को समस्या का एहसास होता है, तब तक शरीर में वर्षों का नुकसान हो चुका होता है।
इस पुरुष स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के अवसर पर, डॉ. पंकज आनंद, निदेशक – इंटरनल मेडिसिन, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर , चार सबसे हानिकारक जीवनशैली आदतों, उनके शरीर पर प्रभाव और उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाल रहे हैं—जिनकी शुरुआत आज से ही की जा सकती है।
धूम्रपान और तंबाकू सेवन
तंबाकू विश्व स्तर पर रोकी जा सकने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। पुरुषों में यह फेफड़े, मुंह और मूत्राशय के कैंसर के साथ-साथ COPD और हृदय रोगों से गहराई से जुड़ा हुआ है।
* हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा दोगुना करता है
* लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों की क्षमता लगभग 20% तक कम हो जाती है
* शुक्राणुओं की गुणवत्ता को प्रभावित करता है और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को कम करता है
* धूम्रपान छोड़ने के 20 मिनट के भीतर ही जोखिम कम होना शुरू हो जाता है
अत्यधिक शराब का सेवन
पुरुषों में शराब का सेवन महिलाओं की तुलना में लगभग दोगुना होता है। अत्यधिक शराब का सेवन लीवर, हृदय और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है, जो कई वर्षों तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के जारी रह सकता है।
* ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और हृदय की मांसपेशियों को कमजोर करता है
* मांसपेशियों के निर्माण की प्रक्रिया को कम करता है, जिससे मांसपेशियों का क्षय होता है
* लीवर सिरोसिस और पैंक्रियाटाइटिस का प्रमुख कारण
* मुंह, गले और लीवर के कैंसर का खतरा बढ़ाता है
* सुरक्षित सीमा: प्रतिदिन 2 मानक पेय से अधिक नहीं
खराब आहार
प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, चीनी और नमक से भरपूर तथा फाइबर, सब्जियों और साबुत अनाज की कमी वाला आहार पुरुषों में मोटापा, डायबिटीज़ और हृदय रोगों का प्रमुख कारण है।
* अधिक नमक सीधे ब्लड प्रेशर बढ़ाता है
* सैचुरेटेड फैट धमनियों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया को तेज करता है
* अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड कोलोरेक्टल कैंसर से जुड़ा है
* कम फाइबर सेवन पाचन तंत्र और मेटाबोलिज्म को प्रभावित करता है
निष्क्रिय जीवनशैली (Sedentary Lifestyle)
शारीरिक निष्क्रियता अब क्रॉनिक बीमारियों का एक स्वतंत्र जोखिम कारक मानी जाती है, जो आहार या वजन से अलग है। लंबे समय तक बैठना मेटाबोलिक जोखिम को बढ़ाता है।
* टाइप 2 डायबिटीज़ और मोटापे का खतरा बढ़ाता है
* हड्डियों को कमजोर करता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ाता है
* डिप्रेशन, एंग्जायटी और संज्ञानात्मक क्षीणता से जुड़ा हुआ है
* रोजाना 30 मिनट पैदल चलना समग्र मृत्यु दर को काफी हद तक कम करता है
जब ये आदतें एक साथ होती हैं, तो जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। जो व्यक्ति धूम्रपान करता है, अधिक शराब पीता है, खराब आहार लेता है और शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहता है, उसमें हृदय रोग का खतरा कई गुना अधिक होता है। यह संयोजन मेटाबोलिक सिंड्रोम को भी तेज करता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक से पहले की स्थिति है।
हर पुरुष को करानी चाहिए ये जांचें:
30 वर्ष की आयु के बाद हर वर्ष ब्लड प्रेशर जांच, 35 वर्ष के बाद हर 3 वर्ष में फास्टिंग ब्लड शुगर, 35 वर्ष के बाद हर 5 वर्ष में लिपिड प्रोफाइल, BMI और कमर की माप, तथा पारिवारिक इतिहास के आधार पर डॉक्टर की सलाह अनुसार कैंसर स्क्रीनिंग।
एक्शन चेकलिस्ट
जीवनशैली में छोटे-छोटे सुधार भी कुछ ही हफ्तों में सकारात्मक स्वास्थ्य परिणाम देने लगते हैं।
क्या करें:
* हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर का व्यायाम करें
* अपनी थाली का आधा हिस्सा सब्जियों और फलों से भरें और एक-तिहाई भाग में गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन शामिल करें
* 30 वर्ष की आयु के बाद हर वर्ष ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराएं
* प्रतिदिन 7–8 घंटे की पर्याप्त नींद लें

