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नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने की तकनीक का विकास समय की मांग : प्रो. सांगवान

– ईसीबी में ““लाइफ साईकल एनालिसिस फॉर सस्टेनेबिलिटी” विषयक पांच दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का हुआ आगाज

बीकानेर। अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के मैकेनिकल विभाग तथा राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र के संयुक्त तत्वाधान में टैक्युप द्वारा प्रायोजित “लाइफ साईकल एनालिसिस फॉर सस्टेनेबिलिटी” विषय पर पांच दिवसीय ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन वेबेक्स एप के माध्यम से हुआ ।समारोह के मुख्य अतिथि व प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. के. एस. सांगवान ने बताया की लीन व् ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग उन निर्मित उत्पादों का निर्माण है जो नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने वाली प्रक्रियाओं का उपयोग करते हैं, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हैं, कर्मचारियों, समुदायों और उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित होते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं। मुख्य अतिथि एन आई टी कुरुक्षेत्र के प्रो. साथंस ने कहा कि (एलसीए) का उद्देश्य एक उत्पाद, सेवा या गतिविधि के पर्यावरणीय प्रभावों की पहचान, परिमाण और मूल्यांकन करना है। इसके माध्यम से उत्पाद के जीवन चक्र के सभी चरणों का आकलन किया जाता है । दूसरे सत्र मे एमएनआईटी जयपुर के डॉ राजीव अग्रवाल ने सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से समय से निर्माण, परिवहन, भंडारण, उपयोग, वसूली, पुन: उपयोग और निपटान के बारे मे विस्तृत चर्चा की।

प्राचार्य डॉ भामू ने बताया की ईसीबी प्रयासरत है इंडस्ट्री इंस्टिट्यूट साझा कार्यक्रम का मजबूत स्तम्भ तैयार कर उनकी समस्याओं का शोधार्थियों द्वारा निबटारा किया जा सके, इसके लिए विभाग के शोधार्थी सिरेमिक उद्योग, बायो एनेर्जी व सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं I टेक्विप-III कोऑर्डिनेटर डॉ ओ पी जाखड़ ने बताया की ट्रेनिंग में देश भर के 300 प्रतिभागियों व शोधार्थियों ने लाभ उठाया।

विभागाध्यक्ष डॉ सी एस राजोरिया ने बताया की टिकाऊ डिजाइन का उद्देश्य नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव को पूरी तरह से कुशल, संवेदनशील डिजाइन के माध्यम से समाप्त करना है व उद्योगों की परम आवश्यकता है I कोऑर्डिनेटर डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया की कोई भी औद्योगिक वेस्ट अक्षमता पैदा करता है और उद्यम की स्थिरता को नष्ट कर देता है – चाहे वह मानव प्रतिभा, प्रयास या अनावश्यक सामग्रियों के परिवहन की बर्बादी हो . संचालक डॉ रवि कुमार ने ट्रेनिंग में भाग लेने वाले प्रतिभागियों, विशषज्ञों व अतिथियों का आभार व्यक्त किया आने वाले दिनों के बारे में जानकारी दी।

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