बीकानेर में एक दुखद घटना घटी यूआईटी के पूर्व चेयरमैन श्री गोपाल अग्रवाल का निधन हो गया है। श्री गोपाल ने आज शाम आयुष्मान हार्ट केयर में अंतिम सांस ली। अग्रवाल को 3 माह पूर्व ब्रेन हेमरेज और लकवा हो गया था।उन्हें एयर फ्लाइट से वेदांता हॉस्पिटल लेकर गए थे अभी 6 दिन पूर्व ही उन्हें बीकानेर लाया गया और आयुषमान हार्ट केयर में भर्ती करवाया गया था।वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। यह बीकानेर के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है।

– मंत्री कल्ला पूर्व चेयरमैन रांका उधोग संघ के अध्यक्ष पचीसिया ने जताया शोक

जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने बीकानेर नगर विकास न्यास के पूर्व चेयरमैन गोपाल अग्रवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। डॉ. कल्ला ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि अग्रवाल का निधन पूरे बीकानेर के लिए अपूरणीय क्षति है। वे समाजसेवी, परोपकारी एवं धर्मपरायण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने यूआईटी के चेयरमैन के रूप में कार्य करते हुए बीकानेर के विकास में अपना भरपूर योगदान दिया। डॉ. कल्ला ने अग्रवाल के निधन का समाचार मिलते ही उनके भाई, साले सत्यनारायण अग्रवाल और रिश्तेदार कालूजी बड़ी वाले से बात कर ढांढस बंधाया और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री ने ईश्वर से दिवंगत की आत्मा को चिर शांति प्रदान करने और शोक संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

– रांका ने भी जताया शोक

नगर विकास न्यास (यूआईटी) के पूर्व अध्यक्ष 78 वर्षीय गोपाल अग्रवाल के निधन पर यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका ने शोक जताया। उन्होंने बताया कि अग्रवाल पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने बताया कि 2008 में यूआईटी चैयरमेन रहे अग्रवाल ने अपने कार्यकाल में काफी विकास कार्य करवाए।

– अग्रवाल का देवलोक गमन उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति – पचीसिया
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उधमी श्रीगोपाल अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि अग्रवाल एक जिंदादिल उद्यमी के साथ साथ एक समाजसेवी के रूप में भी बीकानेर में चर्चित रहे हैं । इन्होंने यूआईटी में अध्यक्ष पद रहते हुए बीकानेर के विकास हेतु अनेक ऐसे कार्य किये जो आज भी बीकानेर शहर के लिए अविस्मरणीय है । अग्रवाल सदैव सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते हुए बीकानेर के एक प्रसिद्ध भामाशाह के रूप में भी जाने जाते थे । अग्रवाल का निधन बीकानेर के औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं ।