– कोविड-19 जागरूकता एवं केन्द्र संचालन हेतु
वर्चुअल अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण का आयोजन

बीकानेर 25 सितंबर। ‘‘ नया सीखने की ईच्छा और निरंतर अभ्यास से ही हम अपने काम की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं। इस प्रकार के अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षणों से हमें नया सीखने को मिलता है।’’ ये वक्तव्य जन शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष श्री अविनाश भार्गव ने जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर द्वारा स्थानीय स्वर्णजयंति सभागार में 25 सितंबर, 2020 को आयोजित संस्थान के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के चुनिंदा संदर्भ व्यक्तियों के लिए आयोजित जिला स्तरीय कोविड-19 जागरूकता एवं केन्द्र संचालन हेतु वर्चुअल अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण के अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किए।
उल्लेखनीय है कि इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण में बीकानेर जिले के विभिन्न विकासखंडों यथा श्रीकोलायत, लूणकरणसर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला के विभिन्न गांवों एवं शहरी कच्चीबस्तियों से संस्थान के 35 संदर्भ व्यक्तियों ने वर्चुअल सहभागिता निभाई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रीभार्गव ने कहा कि अच्छा शिक्षक-प्रशिक्षक वही होता है जो स्वयं नया सीखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। इस जिला स्तरीय वर्चुअल प्रशिक्षण का अनुभव निश्चित ही हमारे संदर्भ व्यक्तियों के लिए एक नया अनुभव है। इसलिए हमें समय की मांग के अनुसार आधुनिक तकनीकी सम्प्रेषण के प्रति भी जागरूक होना होगा।
संस्थान के प्रभारी निदेशक ओमप्रकाश सुथार ने कोविड-19 के आवश्यक दिशा-निर्देश सत्र के तहत कोरोना से बचाव एवं आवश्यक सावधानियों के प्रति संदर्भ व्यक्तियों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस बार हमारे सामने एक चुनौति यह भी है कि हमें कोविड-19 से जुड़ी विभिन्न सावधानियों एवं बचाव के तरीको की पालना करते हुए प्रशिक्षण केन्द्र संचालित करने होंगे। इसलिए हमें इस चुनौति को स्वीकार करते हुए हाथ के हुनर के साथ कोरोना से बचाव का हुनर भी सीखना और सीखाना होगा।
संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने स्वयं सहायता समूहःस्वरोजगार का आधार सत्र के संचालन में स्वयं सहायता समूह के गठन की जानकारी देते हुए प्रशिक्षुओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए मार्गदर्शित किया। इसके साथ ही श्रीउपाध्याय ने संदर्भ व्यक्तियों के साथ संवाद स्थापित कर आदर्श केन्द्र संचालन एवं फोलोअप कार्यों के संबंध में आवश्यक बिन्दुओं की जानकारियां भी दीं।
इस वर्चुअल अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण में संस्थान के कार्यक्रम सहायक उमाशंकर आचार्य ने सहभागी अतिथियों एवं संदर्भ व्यक्तियों का स्वागत करते हुए आयोजन की अवधारणा पर प्रकाश डाला। आयोजन में तकनीकी सहयोग में संस्थान के लेखाकार एवं कम्प्यूटर आॅपरेटर श्री लक्ष्मीनारायण चूरा की और व्यवस्थापन्न कार्य में सहायक श्रीमोहन आचार्य की सक्रिय सहभागिता रही।
संस्थान के कार्यक्रम सहायक तलत रियाज ने सहभागी अतिथियों एवं संदर्भ व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।