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नाक में घी डालकर सूत्र नेती व जलनेति करने से बचा जा सकता है कोरोनावायरस से-योगाचार्य अशोक

हर्षित सैनी
रोहतक, 18 मार्च। पिछले 70 वर्षों से लोगों को योग की क्रियाएं सिखा कर उनकी निरोगी काया करने वाले गोहाना रोड स्थित दिव्य योग मंदिर में आजकल देश में फैली महामारी करोना वायरस के बचाव के लिए नाक में गाय का शुद्ध घी डालकर उसके बाद लोगों को सूत्र नेती व जल नेती क्रियाएं करवाई जा रही है।
योग मंदिर के योगाचार्य अशोक का कहना है कि किसी भी बीमारी का संक्रमण नाक या मुंह से शरीर के अंदर प्रवेश होता है। अगर नाक में गाय का शुद्ध देसी घी डालकर उसके बाद मनुष्य सूत्र नेती व जलनेति की क्रिया रोजाना करें तो उसका शरीर हर संक्रमण से बच सकता है।

उनका दावा है कि नाक में घी डालने से मनुष्य के शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है, जो रोगों से लडऩे में काफी सक्षम हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनके इस दिव्य योग मंदिर से हजारों लोग योग क्रियाएं करके स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे बड़े भाग्यशाली हैं कि उन्हें स्वामी रामलाल स्वामी मुल्ख राज और योग योगेश्वर देवी दयाल जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ है।
योगाचार्य अशोक का कहना है कि उन्होंने अपने पिता योगेश्वर देवी दयाल जी महाराज से योग की क्रियाएं सीखकर एक नया जीवन पाया है और उनके आशीर्वाद से वे लोगों की कायाकल्प करने में लगे हुए हैं। 1951 में बने इस दिव्य योग मंदिर में 1960 तक उनके पिता ने लोगों को योग क्रियाएं करवाई और उसके बाद भारत के अनेक प्रांतों में घूमकर लोगों को योग के बारे में जागरूक किया।

इस भारत भ्रमण के दौरान उन्होंने अनेक राज्यों में दिव्य योग मंदिर के नाम से योग केंद्र स्थापित किए, जो आज भी चल रहे हैं। 1973 से योगाचार्य अशोक लोगों को प्रात: काल योग क्रिया करवाते हैं।

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