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नाबालिग छात्रा की मौत, पुलिस पर आरोप


-स्कूल प्रशासन को बचाने में जुटी पुलिस?

जयपुर। राजधानी के करधनी थाना इलाके में 15 वर्षीय छात्रा लव्या शर्मा के रहस्यमय मौत के मामले में 5 दिन बाद भी पुलिस कोई खास तथ्य नहीं जुटा पाई है। बच्ची के परिजन शुरू दिन से स्कूल प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
इलाके के गोपालपुरा में प्रिंस रेजिडेंसी हायर सेकेंडरी स्कूल है। जिसमें वहीं के रहने वाले पवन कुमार ने अपनी बच्ची लव्या शर्मा का दाखिला करवाया था। वह दसवीं की छात्रा थी। लव्या ने अपनी मां को बताया कि क्लास में टीचर उससे अच्छा बर्ताव नहीं करती। इस पर उसकी मां स्कूल में प्रिंसिपल से मिली तो उसका सेक्शन बदल दिया गया।
बच्ची की मौसी संगीता गौड़ ने बताया कि बच्ची लव्या को स्कूल में टॉर्चर किया जाता था, इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। कुछ दिनों पहले स्कूल से एक्स्ट्रा क्लास के लिए फोन आया। लव्या गई, लेकिन स्कूल में कोई नहीं था। केवल 1 मेल टीचर ही मौजूद था। उसने मां को फोन कर बुलाया और रोने लग गई। वह काफी डरी हुई भी थी।
उन्होंने बताया कि लव्या के साथ आए दिन टॉर्चर करने की वजह से वह काफी मानसिक तनाव में आ गई थी और उसने मौत को गले लगा लिया। 7 सितंबर की शाम को जब घर पर कोई नहीं था वह फंदे पर लटकी हुई मिली। ‘…नाबालिक बच्ची ऐसा कदम उठाए इसका मतलब उसे किस हद तक टॉर्चर किया गया होगा यह सोचने वाली बात है।’ उधर परिजनों का आरोप है करधनी थाना प्रभारी बनवारी लाल मीना मामले में लापरवाही बरत रहे हैं।
परिजन 3 दिन पहले अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर से मिले, फिलहाल उन्हें कोई विशेष राहत महसूस नहीं हुई है। सोमवार को स्टेच्यू सर्किल पर लव्या को न्याय दिलाने के लिए श्रद्धांजलि स्वरूप कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें काफी लोग व परिजन शामिल थे। सभी ने एसएचओ को निलंबित करने की मांग और लव्या की मौत के जिम्मेदार टीचरों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं में गिरफ्तार करने की मांग की।

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