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नायरा एनर्जी ने पाली जिला प्रशासन और प्रथम बुक्स के साथ मिलकर बच्चों में शुरुआती पढ़ने-लिखने की क्षमता बढ़ाने के लिए ‘पाली इज़ रीडिंग’ अभियान शुरू किया

जयपुर, 10 जुलाई, 2026: एकीकृत डाउनस्ट्रीम ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स कंपनी नायरा एनर्जी ने पाली जिला प्रशासन और बच्चों की पुस्तकों के गैर-लाभकारी प्रकाशक प्रथम बुक्स के सहयोग से जिलेभर में ‘पाली इज़ रीडिंग’ पठन प्रोत्साहन अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य लगभग 20,000 बच्चों में बुनियादी साक्षरता (फाउंडेशनल लिटरेसी) को मजबूत करना है। इस पहल का औपचारिक शुभारंभ राजस्थान के पाली स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के जिला परिषद सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। यह कैंपेन एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) और समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के सहयोग से शुरू किया गया। इस मौके पर पाली के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) श्री महेंद्र मेहता, आईसीडीएस, पाली के उप निदेशक श्री प्रकाश चंद्र, पाली के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) श्री राहुल राजपुरोहित, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक (ADPC) श्री प्रवीण चरण कुमार, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) श्री दिलीप कर्मचंदानी तथा मुख्य विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) श्रीमती सुरभि चौहान सहित कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह कैंपेन बच्चों में पढ़ने की आदत को स्कूल और आंगनवाड़ी की रोजमर्रा की गतिविधियों का हिस्सा बनाने पर जोर देगा। इसके तहत कक्षाओं और आंगनवाड़ी पुस्तकालयों में हिंदी और अंग्रेजी की आकर्षक चित्रों वाली किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशिक्षित शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कहानी आधारित आसान तरीकों से बच्चों को पढ़ाएंगे। यह पहल पाली जिले के 276 सरकारी स्कूलों और 362 आंगनवाड़ी केंद्रों में लागू होगी, जिससे बच्चों की शब्दावली, समझने की क्षमता और आत्मविश्वास को शुरुआती उम्र से ही मजबूती मिलेगी।

नायरा एनर्जी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रसाद पनिक्कर ने कहा, “बच्चों में पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता केवल किताबें उपलब्ध कराने से विकसित नहीं होती। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे नियमित रूप से ऐसी किताबें पढ़ें, जो उनकी जिज्ञासा जगाएं और पढ़ने में रुचि पैदा करें। ‘पाली इज़ रीडिंग’ अभियान के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ियों तक किताबें पहुंचाई जाएंगी, शिक्षकों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जाएगा और पढ़ने को बच्चों की रोजमर्रा की आदत बनाने की कोशिश की जाएगी। यह पहल खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में नायरा एनर्जी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

प्रथम बुक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमांशु गिरी ने कहा, “पाली जिला प्रशासन और नायरा एनर्जी के साथ मिलकर बच्चों तक पढ़ने का आनंद पहुंचाने में हमें खुशी है। अभियान की शुरुआत के दौरान शिक्षकों और जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी उत्साह बढ़ाने वाली रही। हमें उम्मीद है कि किताबों की उपलब्धता और व्यवहारिक प्रशिक्षण से शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के जीवन में पढ़ने को रोजमर्रा की दिलचस्प आदत बना सकेंगे।”

पाली का यह अभियान नायरा एनर्जी के महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में चल रहे सालभर के बहु-राज्यीय रीडिंग प्रमोशन कार्यक्रम का हिस्सा है। यह कंपनी की कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित प्रयासों से जुड़ा है। इस परियोजना के तहत समय-समय पर नई किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी और समुदाय की भागीदारी से पढ़ने से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, ताकि बच्चों की रुचि लंबे समय तक बनी रहे। शुरुआती शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए यह पहल बच्चों के भाषा विकास के साथ-साथ समाज में पढ़ने की संस्कृति को भी बढ़ावा देने का प्रयास करेगी।

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