

विजयवर्गीय ने जिला शिक्षा अधिकारी को दिया ज्ञापन
जयपुर।शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009 के तहत निजी स्कूलों को बच्चों के लिए 25% सीटें आर्थिक स्थिति या जाति के आधार पर प्रवेश दिए जाने का प्रावधान है, परंतु सत्र 2022 -23 अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रवेश लॉटरी में चुने गए जरूरतमंद विद्यार्थी मोहम्मद सुभहान अहमद को जयपुर के नामचीन महाराजा सवाई मानसिंह विद्यालय, सवाई मानसिंह रोड प्रबंधन द्वारा मनमर्जी करते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। विद्यार्थी कि जरूरतमंद मां अपनी बच्ची के प्रवेश के लिए पिछले 6 महीनों से स्कूल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के यहां चक्कर काट रही है, थक हार कर पीड़िता ने अभिभावक एकता संघ राजस्थान की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई जिस पर कार्यवाही करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष योगी मनीष विजयवर्गीय ने जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक जयपुर राजेंद्र कुमार हंस से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
तीन दिन में न्याय नहीं मिला तो धरने पर बैठेंगे – विजयवर्गीय
अभिभावक आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष विजयवर्गीय ने कहा कि हमने संवाद से समाधान के तहत स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधि तथा सोसायटी फॉर प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष दामोदर गोयल से जरूरतमंद बच्चे को प्रवेश के लिए किया परंतु उन्होंने बात करने से भी इनकार कर दिया, प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी का यह गैर जिम्मेदाराना तरीका सिद्ध करता है कि यह अपने आप को कानून एवं सरकार से भी ऊपर मान कर रहे हैं या फिर इन्हें ऐसे लोगों का संरक्षण प्राप्त है जिससे इन्हें शिक्षा विभाग के निर्देशों की परवाह नहीं.इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने दिनांक 2 नवंबर 22 को स्कूल प्राचार्य को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने माननीय निदेशक शिक्षा गौरव अग्रवाल जी के पत्र का हवाला देते हुए विद्यार्थी मोहम्मद सुभान अहमद के प्रवेश किए जाने का निर्देशन दिया है इसके बावजूद भी स्कूल मनमर्जी पर कायम है ऐसे में हमने ज्ञापन में कहा है कि स्कूल पर तुरंत कार्यवाही हो बच्चे को प्रवेश दिलाया जाए अन्यथा हम 3 दिन पश्चात इस संबंध में जनतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते हुए धरने पर बैठेंगे।
विजयवर्गीय ने बताया कि हमने इस मामले की लिखित जानकारी कार्यवाही हेतु बीड़ी कल्ला, शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार, गौरव अग्रवाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, अनिल शर्मा , सदस्य ,राज्य सलाहकार परिषद (आरटीई) राजस्थान सरकार को भी कर दी है
देखना यह है कि हर बार की तरह इस बार भी मामला बड़े लोगों के दबाव और प्रभाव में रफा-दफा करवा दिया जाएगा या मनमानी करने वाले स्कूल पर कोई ऐसी सख्त कार्यवाही होगी जिससे आइंदा जरूरतमंद विद्यार्थियों के साथ अन्याय ना हो।
