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नोएडा सेक्टर 3 से चल रहा था टेलिफोन एक्सचेंज का अवैध धंधा

नई दिल्ली|मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने शहर में एक बार फिर अवैध तरीके चलाई जा रही टेलिफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है। इस बार वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) पर आधारित यह टेलिफोन एक्सचेंज सेक्टर 3 में चलाई जा रही थी। जनवरी में सउदी अरब से मुंबई में लैंडलाइन फोन पर हुए एक कॉल पर सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हुए थे। जांच में पता चला कि वीओआईपी के माध्यम से आई इस कॉल को भारतीय मोबाइल नंबर से लैंडलाइन पर डायवर्ट किया गया। ऐसा अवैध तरीके से चलाई जा रही टेलिफोन एक्सचेंज के माध्यम से ही संभव हो सकता है।

जांच में पता चला कि केरल और नोएडा में यह अवैध एक्सचेंज चलाई जा रही थी। इन दोनों ही एक्सचेंज में इस्तेमाल की जा रही डिवाइस का आईएमईआई नंबर एक ही मिला। जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने बीते गुरुवार को नोएडा में छापा मारकर इस टेलिफोन एक्सचेंज को पकड़ा। ऐसी ही एक्सचेंज केरल के चांदरामकुलम में भी छापे में पकड़ी गई। नोएडा में पकड़ी गई एक्सचेंज में 8 स्लॉट वाले 3 सिम बॉक्स, 11 सिम, 1 हार्डडिस्क और एक वीओआईपी एडैप्टर बरामद किया गया है।
एडैप्टर के माध्यम से वीओआईपी कॉल को सिम बॉक्स में ट्रांसफर करके अलग-अलग सिम के माध्यम से देश में ही ट्रांसफर कर दिया जाता है। यहां का नंबर होने से यह पता नहीं चल पाता है कि कॉल कहां से की गई। इस तरह कि एक्सचेंज का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जाता है। इससे पहले भी नोएडा में इस तरह की पकड़ी जा चुकी है। यूपी एसटीएफ ने अक्टूबर 2015 में सेक्टर 63 में अवैध टेलिफोन एक्सचेंज पकड़ी थी। एसटीएफ ने इसके लिए लगाए सर्वर को भी सीज किया था। इस एक्सचेंज से भारत सरकार को करीब 50 करोड़ का नुकसान हुआ था !

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