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पंजाब में किसान आंदोलन से अटका करोड़ों का माल, विदेशी कंपनियों की दो टूक, रद्द होगा कांट्रेक्ट

– कारोबारियों को डर, न निकला समाधान तो दोबारा बन जाएगी लॉकडाउन जैसी स्थिति!_
– लुधियाना से हर साल नौ हजार करोड़ रुपये के टेक्सटाइल उत्पाद होते हैं निर्यात!_
– भारत को छोड़ दूसरे देशों का रुख कर सकती है विदेशी कंपनियां
चंडीगढ़। किसानों के रेल रोको आंदोलन ने कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कारोबारियों को डर है कि अगर आने वाले दिनों में इसका हल न निकला तो लुधियाना की इंडस्ट्री में एक बार फिर से लॉकडाउन की स्थिति आ सकती है। ट्रेन बंद होने के कारण लगभग तीन हजार करोड़ का माल अटक चुका है। तैयार माल कंटेनर में बंद वेयर हाउस की खाक छान रहा है, वहीं उनके विदेशी ग्राहक माल न मिलने के चलते कांट्रेक्ट रद्द करने की बात कह रहे हैं।

कारोबारियों की मांग है कि सरकार किसी भी तरह रेल मार्ग खुलवाने की कोशिश करे। औद्योगिक नगर लुधियाना से हर साल लगभग 40 हजार करोड़ का माल निर्यात व आयात होता है। इसमें अकेले टेक्सटाइल का नौ हजार करोड़ रुपये का निर्यात है। किसान आंदोलन के चलते इस समय सिर्फ उत्पादन हो रहा है, लेकिन तैयार माल डंप होता जा रहा है। वेयर हाउस की क्षमता पूरी हो चुकी है। इसलिए अब कारोबारियों से और माल न भेजने के लिए कहा जा रहा है। जो कंटेनर कारोबारी को तुरंत मिलते थे, उनके लिए भी 15 से 20 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। अगर कुछ दिन हालात इसी तरह रहे तो यह तैयार माल ऐसे ही डंप होकर रह जाएगा। इसका खामियाजा कारोबारियों को भुगतना पड़ेगा।_

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