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पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाई गई नारद जयंती, संगोष्ठी आयोजित

-लोकतंत्र में जनता की आवाज बने हैं पत्रकार : भवानी जोशी

-विश्व संवाद केन्द्र की ओर से हुआ आयोजन
बीकानेर। विश्व संवाद केंद्र की ओर से नारद जयंती को पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया गया। इस उपलक्ष्य पर ‘लोकतंत्र में पत्रकारिता का महत्व’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग संघचालक टेकचंद बरडिया की अध्यक्षता में पत्रकारों ने लोकतंत्र में पत्रकारिता का महत्व विषय पर अपने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर बीकानेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष भवानीशंकर जोशी ने मुख्य वक्ता के रूप विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान में पत्रकार ही लोकतंत्र में आमजन की आवाज बने हुए हैं। जनता की बड़ी से बड़ी समस्या को पत्रकार अपनी कलम के माध्यम से सरकार तक पहुंचा कर आमजन को राहत दिलवाते हैं। लोकतंत्र का यह चौथा स्तंभ वर्तमान में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आरएसएस के संघसंचालक टेकचंद बरडिय़ा ने कहा कि आजादी के आंदोलन में भी कलम के सिपाहियों ने अपनी महती भूमिका निभाई। आज के परिवेश में भी स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र को और भी मजबूत बना रही है। विषम परिस्थितियों में भी पत्रकार अपना पत्रकारिता के प्रति अपना धर्म निभा रहे हैं। संगोष्ठी में पत्रकार श्याम मारू, ओम सोनी, विक्रम जागरवाल, बृजमोहन रामावत, जितेंद्र व्यास, गिरिराज हर्ष सहित कई पत्रकारों ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर विश्व संवाद केंद्र की और से सभी पत्रकारों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संगोष्ठी का संचालन विभाग संयोजक एसएल राठी ने किया। संगोष्ठी में विनोद मोदी, कौशलेष गोस्वामी, निर्दोष व्यास, धीरज जोशी, महेन्द्र मेहरा, विवेक आहूजा, कुशालसिंह, उमेश खत्री, संजय स्वामी सहित कई मीडियाकर्मी और विश्व संवाद केन्द्र से जुड़े कई प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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