जहां एक तरफ देशभर में होली की धूम है तो वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बचाने की जुगत में हाथ-पैर मार रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बेहद मुश्किल में नजर आ रही है। पार्टी के नाराज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस अंदेशे को और मजबूती दे दी है। बताया जा रहा है कि सोमवार को सिंधिया ने पीएम मोदी से मुलाकात की है। बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी में शामिल करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात भी लगाया जा सकता है कि बीजेपी आश्वस्त है कि 48 घंटे के अंदर कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ जाएगी।
जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं। वहीं कमलनाथ ने आरोप लगाया है कि बीजेपी माफिया के सहयोग से सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। सोमवार रात उन्होंने एक बयान में कहा कि मैंने अपना समूचा सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित किया है। मेरे लिए सरकार होने का अर्थ सत्ता की भूख नहीं, जन सेवा का पवित्र उद्देश्य है। पंद्रह वर्षों तक बीजेपी ने सत्ता को सेवा का नहीं, भोग का साधन बनाए रखा था और वो आज भी अनैतिक तरीके से मध्यप्रदेश की सरकार को अस्थिर करना चाहती है।