मुक्ति संस्था द्वारा कुसुमदेवी डागा की स्मृति में निःशुल्क घुटना दर्द निवारण शिविर आयोजित
बीकानेर, 8 मार्च। समाजसेविका कुसुम देवी डागा की स्मृति में मुक्ति संस्था द्वारा बारहवां निःशुल्क घुटना दर्द निवारण शिविर रविवार को ब्रह्म बगीचा परिसर में आयोजित हुआ। शिविर के दौरान 550 से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा 480 नी-बेल्ट वितरित किए गए।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भी आमजन की पीड़ा को समझते हैं तथा सदैव जन-जन की तकलीफ दूर करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आम आदमी, गरीब, मजदूर और जरूरतमंद को समयबद्ध चिकित्सा पहुंचाने के लिए निःशुल्क दवा एवं जांच योजना शुरू की गई। यह अपने आप में देशभर की पहली और अभिनव योजना थी। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों की तकलीफ समझते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रारम्भ की और अब योजना के तहत मिलने वाली राशि को 500 से बढ़ाकर 750 और 750 से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है।
अध्यक्षता करते हुए राजस्थान संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बोराणा ने कहा कि मुक्ति संस्था द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत पुनीत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी ऐसे मामलों में बेहद संवेदनशील है तथा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश आरोग्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने पूर्व महापौर स्व. भवानी शंकर शर्मा का स्मरण किया तथा कहा कि समाजसेवा और राजनीति के क्षेत्र में उनके आदर्शों को सदैव याद रखा जाएगा।
केन्द्रीय साहित्य अकादमी में राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के संयोजक तथा वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी’ ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि संस्था द्वारा प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। इससे बड़ी संख्या में बुजुर्गों को राहत मिलती है।
मुक्ति संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट हीरालाल हर्ष ने कुसुम देवी डागा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला तथा उनकी स्मृति में अब तक आयोजित कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। शिविर संयोजक तोलाराम पेड़ीवाल ने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिवर्ष यह शिविर आयोजित किया जाता है। अब तक पांच हजार से अधिक घुटना रोग पीड़ितों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद अरविंद मिढ्ढा, रवि पारीक, हजारी देवड़ा, व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा, बुलाकी दास व्यास, एन डी रंगा, राजाराम स्वर्णकार, चंद्रशेखर जोशी, डाॅ. नमामी शकर आचार्य, हरिकिशन जोशी, अमरनाथ व्यास, मुरलीमनोहर पुरोहित, मंगलचंद रंगा, विष्णु शर्मा, बृज गोपाल जोशी, सुभाष जोशी सहित अनेक गणामन्य नागरिक मौजूद रहे।