–देर रात्रि से ही चल रहा है श्रद्धालुओं का रेला
–चंद्र ग्रहण के बावजूद भी पुष्कर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
–घाटों पर श्रद्धालु लगा रहे आस्था की डुबकी
–ब्रह्मा मंदिर सहित सभी मंदिरों के कपाट हुए बंद
–मेला क्षेत्र से बाजारों घाटों मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला ही रेला नजर आ रहा है


जयपुर।करोड़ों लोगों की आस्था केन्द्र पवित्र सरोवर में मंगलवार को कार्तिक मास की पूर्णिमा का महास्नान होगा। इसी के साथ गत पांच दिनों से चल रहा कार्तिक पंचतीर्थ स्नान (पुष्कर धार्मिक मेला) संपन्न हो जाएगा। वहीं मंगलवार को चंद्रग्रहण भी है। पूर्णिमा के महास्नान व चन्द्रग्रहण के शुद्धि स्नान के लिए तीर्थ नगरी में उमडऩे वाली भीड़ के मद्देनजर जिला एवं पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट हो गया है।
महास्नान के लिए श्रद्घालुओं का रैला सोमवार की दोपहर बाद से उमडऩे लग गया है। देर शाम तक हजारों धर्मप्रेमी बंधु पुष्कर पहुंच गए है तथा इनके आने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। ब्रह्म सरोवर में महास्नान मंगलवार की जल्द सुबह ब्रह्मï मुहूर्त के बीच शुरू होगा तथा दिन भर चलेगा।
ग्रहणकाल में स्नान को लेकर असंमजस की स्थिति
ग्रहण का सूतक मंगलवार को अल सुबह 5.53 बजे शुरू होगा तथा शाम 6.19 बजे ग्रहण का शुद्धिकरण होगा। शास्त्रों में सूतक से ग्रहण के शुद्ध होने तक सभी धार्मिक कार्य व देव दर्शन निषेध माने गए है। ऐसे में ग्रहण के सूतक काल में श्रद्धालु सरोवर में स्नान तो कर सकेंगे, मगर इसका कोई महत्व नहीं रहेगा। इसलिए महास्नान सुबह ग्रहण का सूतक लगने से पहले एवं शाम को ग्रहण के शुद्धि स्नान के साथ ही महास्नान किया जाना श्रेष्ठ रहेगा। चंद्रग्रहण के चलते महास्नान को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रहण के कारण मंगलवार को दिनभर ब्रह्मह्मा मंदिर, सावित्री मंदिर, रमा वैकुंठ मंदिर समेत सभी मंदिरों के पट बंद रहेंगे। ग्रहणकाल के दौरान सरोवर में स्नान की कोई पाबंदी नहीं रहेगी, लेकिन तीर्थ पुरोहित श्रद्धालुओं को न तो पूजा करायेंगे और नहीं किसी प्रकार का दान लेंगे। जिससे श्रद्धालुओं को स्नान का कोई महत्व रहेगा और न ही कोई फल मिलेगा। माना जा रहा है कि अधिकतर श्रद्धालु मंगलवार को ही आएंगे और दिन भर यहां रूक कर शाम को ग्रहण के शुद्धि स्नान के साथ महास्नान करेंगे।
महास्नान के लिए पुलिस-प्रशासन अलर्ट
महास्नान व ग्रहण के शुद्धि स्नान के लिए उमडऩे वाली भीड़ के मद्देनजर जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है तथा कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के माकुल बंदोवस्त किए है। घाटों एवं मंदिरों में सुरक्षा की कमान आईएएस व आरएएस अफसरों को कार्यापालक मजिस्टे्रट के रूप में सौंपी गई है। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर पुलिस, आरएएसी के जवान तैनात किए गए है। मुख्य स्थानों पर सशस्त्र जवान तैनात किए गए है। घाटों पर गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से मुख्य बाजारों समेत प्रमुख चौक-चौराहों पर बेरीकेडिंग की गई है तथा यात्रियों के लिए एक तरफा आवागमन की व्यवस्था की गई है। वहीं दो दिनों से उमड़ रही भीड़ के चलतेे अजमेर-पुष्कर के बीच एक तरफा यातायात की भी व्यवस्था की गई है।
–ऊंची दुकान फीके पकवान
–बॉलीवुड गायक मोहित चौहान का शो हुआ फ्लॉप शो साबित
–दर्शक हुए निराश एक घंटे में मेला मैदान हुआ खाली
–घंटो इंतजार कराने के बावजूद मोहित चौहान नहीं जीत पाए लोगों का दिल
खूब प्रचार-प्रसार के चलते मेला मैदान दर्शकों से भरा खचाखच
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुष्कर मेले में बॉलीवुड गायक मोहित चौहान का मेला मैदान में मोहित चौहान नाइट कार्यक्रम का आयोजन प्रशासन द्वारा करवाया गया इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार प्रसार किया गया जिसके चलते शाम को 6:00 बजे से ही मेला मैदान दर्शकों से खचाखच भर गया लेकिन यह नाइट शो प्लाॅप शो साबित हो गया जब मोहित चौहान वहां मौजूद की संख्या में दर्शकों का दिल जीत नहीं पाए और लोगों को निराश होना पड़ा एक भी गाना ऐसा नहीं गा पाए जिससे वहां मौजूद दर्शक झूम सके या तालियां बजा सकें लाखों रुपए देने के बावजूद भी मोहित चौहान पुष्कर के लोगों में अपनी छाप नहीं छोड़ पाए स्थिति इतनी विकट हो गई कि सबसे पहले अधिकारियों और वीआईपी दीर्घा खाली हो गई मोहित चौहान के लिए शाम को 6:00 बजे से ही मेला मैदान खचाखच भर गया 7:30 बजे कार्यक्रम शुरू होने वाला था लेकिन 8:45 पर मोहित चौहान स्टेज पर आए लेकिन शुरू के 45 मिनट तक अपनी गानों की आवाज में छाप नहीं छोड़ने कारण धीरे-धीरे दर्शक निराश होकर लौटने लग गए और 10:30 बजे कार्यक्रम समाप्त हो गया मात्र डेढ़ घंटे स्टेज पर रहने के बावजूद भी मोहित चौहान का यह कार्यक्रम फ्लॉप तो साबित हो गया। सबसे ज्यादा निराशा ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों को लगी जिनको मोहित चौहान का एक भी गाना समझ में नहीं आया और वहां से निकल पड़े। दर्शकों का कहना है कि यह कार्यक्रम अब तक का सबसे फ्लॉप शो साबित हुआ। डेढ़ घंटे के कार्यक्रम में एक बार भी दर्शक मोहित चौहान के गानों पर तालिया नही बजा पाए यही नहीं मोहित चौहान ने दर्शकों की मांग पर भी एक भी गाना नहीं गाया दर्शकों ने कई बार मोहित चौहान से गानों की मांग की लेकिन वह अपनी लय पर अपने ही गाने गाते रहे जिसके चलते लोगों को उनके गाने कुछ भी समझ में नहीं आए और आखिरकार सभी निराश होकर लौट गए।
ब्रह्मï चौदस पर 1 लाख श्रद्धालुओं ने ब्रह्मस्नान
पवित्र कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की वैकुण्ठ चतुदर्शी ब्रह्मï चौदस के अवसर पर स्नान का विशेष महत्व है। यही कारण है कि सोमवार को ब्रह्मï चौदस का 1 लाख श्रद्धालुओं ने पुष्कर के पवित्र सरोवर में स्नान व देव दर्शन कर पुण्य कमाया। सोमवार को अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का सरोवर में स्नान का क्रम शुरू हो जो देर शाम तक निर्बाध रूप से जारी रहा। श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर जगत पिता ब्रह्मा मंदिर के दर्शन किऐ। इसके बाद तीर्थयात्रियों ने मेेला क्षेत्र में लगे हवाई झूले, सर्कस आदि में झूले साथ ही मुख्य बाजार व मेला क्षेत्र में लगी दुकानों में जमकर खरीददारी की। धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक शुल्क पक्ष की एकादशी से पूर्णिमा तक पांच दिनों के पंचभीष्म स्नान के दौरान स्वयं भगवान पुष्कर राज सरोवर के जल में विद्यमान रहते है। अन्य दिनों मंत्रों के आह्वïान पर बुलाने पर आते है। इन दिनों पुष्कर सरोवर में स्नान व ब्रह्मïाजी के दर्शन से पापों का नाश व पुण्य की प्राप्ति होती है।
–ड्राई फ्रुट से हुआ ब्रह्माजी का श्रृंगार
कार्तिक मास की पवित्र ब्रह्म चतुर्दशी के उपलक्ष्य में सोमवार को जगत पिता ब्रह्मा जी का पहली बार ड्राई फ्रूट से श्रृंगार किया गया। तथा पूरे मंदिर परिसर को देश-विदेश से मंगवायें गए 21 हजार किलों रंग-बिरंगे फूल-मालाओं से सजाया गया। ब्रह्म चतुर्दशी के उपलक्ष्य में सोमवार को सुबह पुजारी लक्ष्मीनिवास व कृष्णगोपाल वशिष्ठ के आचार्यत्व मेंं ब्रह्मा मंदिर में ब्रह्मा जी का वेदिक मंत्रोचारण के बीच अभिषेक किया गया। सुबह मंगला आरती के दर्शन साथ ही मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लगी तथा रात शयन आरती तक श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए मंदिर में रैला लगा रहा।
आज दिनभर बंद रहेगा ब्रह्मा मंदिर
ब्रह्मा मंदिर के पुजारी कृष्णगोपाल वशिष्ठ ने बताया कि मंगलवार को सुबह 3.15 बजे ब्रह्माजी की मंगला आरती की जायेगी तथा 5.53 बजे चंद्रग्रहण का सूतक लगने से पूर्व मंदिर का निज गर्भ गृह व मंदिर का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके चलते मंगलवार को दिन भर ब्रह्मा मंदिर के पट बंद रहेंगे। शाम 6.19 बजे ग्रहण शुद्धि के डेढ़ घंटे बाद मंदिर की साफ-सफाई व श्रृंगार के बाद रात्रि 7.50 बजे मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिये जाएंगे।
मेले का समापन समारोह आज
पुष्कर मेले का मंगलवार को समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। मेला मजिस्टे्रट सुखाराम पिंड़ेल ने बताया कि इस अवसर पर मेला मैदान में ग्रामीण खेलकूद, मटका रेस, देशी-विदेशी महिलाओं व पुरूषों के बीच रस्सा-कस्सी का मुकाबला, सहित कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह में मेले के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। जिला कलेक्टर अशंदीप समेत कार्यक्रम में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। शाम को सरोवर की महाआरती की जाएगी।
–पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा अपनी एक दिवसीय धार्मिक यात्रा पर पुष्कर पहुंचे
हाल ही में प्रदेश में पुलिस व्यवस्था की कमान संभाने वाले राज्य के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा अपनी एक दिवसीय धार्मिक यात्रा पर पुष्कर पहुंचे। इस मौके पर डीजीपी मिश्रा ने सादगी के साथ सरोवर पूजा, ब्रह्मा मंदिर दर्शन सहित पुष्कर मेले का लुफ्त उठाया।
सोमवार की शाम करीब 4 बजे पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने सर्वप्रथम ब्रह्म घाट पहुंचकर पवित्र सरोवर की पूजा अर्चना की। उन्हें सरोवर की पूजा पं. हरगोपाल चूंडावत ने कराई। इस अवसर पर डीजीपी बनने के बाद पहली बार पुष्कर आने पर उनका तीर्थ पुरोहित संघ के कोषाध्यक्ष विमल पाराशर, गोविंद पाराशर, बैद्यनाथ पाराशर, संजय पाराशर, राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश सचिव दामोदर मुखिया के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहितों ने माला पहना, दुपट्टा ओढ़ाकर एवं पुष्कराज की तस्वीर भेंटकर अभिनंदन किया। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने डीजीपी से पुलिस अधिकारियों द्वारा पुष्कर मेले की गई व्यवस्थाओं की तारीफ की। इस अवसर पर डीजीपी मिश्रा ने तीर्थ पुरोहित की पौथी में अपनी पुष्कर यात्रा का विवरण लिखकर हस्ताक्षर किये। इसके बाद डीजीपी का काफिला ब्रह्मा मंदिर के पीछे स्थित एंट्री प्लाजा पहुंचा जहां रैंप से होते हुए सभी ब्रह्मा मंदिर पहुंचे। और जगत पिता के दर्शन किये। इस अवसर पर मंदिर पुजारी वैभव वशिष्ठ व सुधांशु वशिष्ठ ने डीजीपी को ब्रह्मा गायत्री की आरती करवाई तथा माला एवं ब्रह्माजी की तस्वीर भेंट कर अभिनंदन किया।
–आम मेलार्थी की तरफ मेले में घूमे डीजीपी
ब्रह्मा मंदिर के दर्शन के बाद डीजीपी का काफिला मेला क्षेत्र में पहुंचा जिस पर डीजीपी ने अपनी कार रूकवार कर पैदल ही मेला मैदान के बाहर से होते हुए आम मेलार्थी की तरह पुष्कर मेले का लुफ्त उठाया। तथा पुष्कर मेले में आयोजित सैंड आर्ट फेस्टिवल पहुंचने पर मशहूर सैंड आर्र्टिस्ट अजय रावत ने डीजीपी मिश्रा का बालू मिट्टी पर चित्र बनाकर स्वागत किया। तथा माल्यार्पण, साफा पहनाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया। इसके बाद वे प्रशासनिक केम्प में पहुंचे जहां उनको पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर्र दिया गया। इस दौरान खास बात यह रही कि डीजीपी ने बहुत सरल स्वभाव से पुष्कर यात्रा का आनंद लिया।
तीर्थ नगरी में आकर आत्मिक शांति मिली- डीजीपी
अपनी धार्मिक यात्रा पर पुष्कर पहुंचे डीजीपी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने पुष्कर सरोवर व जगत पिता ब्रह्माजी के दर्शन कर देश व प्रदेश में खुशहाली की कामना मांगी है। यहां आकर उन्हें आत्मिक शांति मिली है और बहुत अच्छा लगा है। तथा पुष्कर मेला निरीक्षण किया जिस पर पुलिस की व्यवस्था सराहनीय पायी गयी।
–ये थे साथ
डीजीपी मिश्रा की यात्रा के दौरान आईजी रूपेंद्र सिंह, एसपी चुनाराम जाट, सेवानिवृत आईजी कल्याणमल शर्मा, एएसपी वैभव, सीओं ग्रामीण इस्लाम खान, सीआई डा. रविश सामारिया, महावीर शर्मा सहित जिले के पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
पुष्कर मेले के उपलक्ष्य में मंगलवार को आरएसएसडीआई के अजमेर चेप्टर की ओर से चिकित्सा कैम्प का आयोजन किया जाएगा।
पुष्कर मेले के उपलक्ष्य में मंगलवार को आरएसएसडीआई के अजमेर चेप्टर की ओर से चिकित्सा कैम्प का आयोजन किया जाएगा।
डा० अनिल सामरिया ने बताया कि विश्व मधुमेह पखवाड़ा के तहत पुष्कर मेला क्षेत्र में आयोजित कैम्प में मरीजों के बीपी, ब्लड शुगर, फाइब्रोस्कैन, न्यूरोपेथी, लिपिड प्रोफाइल आदि की निशुल्क जांचे कर परामर्श दिया जाएगा। बताया कि आगामी 14 नवम्बर विशाल मधुमेह जगरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा, जिसमे लोगो को मधुमेह के प्रति जागरूक रहने के लिए विशेष सलाह दी जाएगी।
पुष्कर मेले के दौरान नगर पालिका द्वारा चलाये जा रहे जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत पालिका की नुक्कड़ नाटक टीम ने विभिन्न घाटों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया।
पुष्कर मेले के दौरान नगर पालिका द्वारा चलाये जा रहे जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत पालिका की नुक्कड़ नाटक टीम ने सोमवार को विभिन्न घाटों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया।
कार्यक्रम संयोजक गोपाल बंजारा ने बताया कि ईओं बनवारी लाल मीणा के निर्देशन में सोमवार को सरोवर के ब्रह्म घाट, जयपुर घाट, गुर्जर घाट सहित मुख्य मुख्य घाटों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ नगरी में स्वच्छता एवं सफाई के साथ साथ भारत को प्लास्टिक मुक्त कराने का हास्य और व्यंग के माध्यम से संदेश दिया गया। इस दौरान टीम के महेश कुमार चौहान, मुकेश अजमेरी, सुशीला, धर्मा भाट आदि कलाकार मौजूद थे।
–आयुर्वेद शिविर में हजारों लोगों ने लिया लाभ
पुष्कर मेले में प्रतिदिन मेलार्थी सहित आमजन यहां संचालित आयुर्वेद शिविरों में पहुंचकर निशुल्क परामर्श एवं दवाइयां प्राप्त कर रहे है।
आयुर्वेद चिकित्सालय प्रभारी डा० अंजु चौहान ने बताया कि चांदमल मोदी राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, मेला मैदान, होली का चौक एवं नया बस स्टैंड पर संचालित केम्प में अब तक करीब 9 हजार 5 सौ लोगों ने आयुर्वेद चिकित्सा का लाभ ले चुके है। मेला शिविर प्रभारी डा० विशाल नाहेलिया ने बताया स्वर्ण प्राशन, अग्निकर्म और विद्धकर्म की चिकित्सा भी केम्प में लोगों को दी जा रही है। शिविरों में डा० सुभाष घारू, डा० राहुल चौधरी, डा० दीपिका चौधरी, डा० कैलाश तिवारी, डा० स्वाति अजमेरा, डा० विनोद कुमार, डा० मोहित मारु, डा० कमलेश चौहान, डा० दीपक, डा० ह्रदयेश जोशी, सुनीता वर्मा, कलावती पारीक, दीपचंद, सपना, सपना भानावत, रवि मौर्य, सत्यनारायण, मनोज कुमार, आदित्य किशोर, ऋतुकांत अपनी सेवाऐं दे रहे है।
मंदिरों की नगरी पुष्कर के परिक्रमा मार्ग में स्थित निम्बार्क पीठ के गिरिधर गोपाल मंदिर (परशुराम द्वारा) में निम्बार्क जयंती धूमधाम से मनाई गयी।
मंदिरों की नगरी पुष्कर के परिक्रमा मार्ग में स्थित निम्बार्क पीठ के गिरिधर गोपाल मंदिर (परशुराम द्वारा) में सोमवार को निम्बार्क जयंती धूमधाम से मनाई गयी। इस अवसर पर जगदगुरू श्रीजी महाराज के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गये।
मंदिर के पुजारी नवनीत शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम के तहत सोमवार को सुबह निम्बार्क पीठाधीश्वर जगदगुरु श्यामशरण देवाचार्य श्रीजी महाराज के सानिध्य में भगवान गिरिधर गोपाल एवं निम्बार्क भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया गया इसके बाद भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर 56 भोग की झांकी सजाकर अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाया गया। अंत में भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर संगीतकार चंद्र प्रकाश, कृतिका प्रकाश, दिनेश पाराशर व सत्यनारायण धाबाई ने भजनों की प्रस्तुत दी। इस अवसर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुदर्शन इंदौरिया, पूर्व पालिकाध्यक्ष सूरज नारायण पाराशर, मदन गोवलिया, विष्णु शर्मा, कैलाश रैनबो, निर्मल चौधरी, प्रवीण वैष्णव, जय कुमार पाराशर, नेहरू पंडित, हलदर पाराशर सहित धर्मप्रेमी मौजूद थे।
–जयपुर घाट पर लेक फेस्टिवल में मानसी पाराशर ने दी शानदार प्रस्तुतियां
पुष्कर मेले के अवसर पर जयपुर घाट पर आयोजित पांच दिवसीय लेक फेस्टिवल के अवसर पर सोमवार को विधायक सुरेश सिंह रावत, वासुदेव देवनानी एवं पीसीसी उपाध्यक्ष नसीम अख्तर के आतिथ्य में सरोवर की महाआरती की गई।
कार्यक्रम संयोजक अरूण पाराशर ने बताया कि फेस्टिवल के चौथे दिन सोमवार को कार्यक्रम की शुरूआत रंगोली व दीपदान से हुई इसके बाद पं. चन्द्रशेखर गौड़ द्वारा सरोवर की महाआरती की गई। तत्पश्चात व्यवसायी लालचंद खत्री द्वारा दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की गई जिसमें नाथूलाल सोलंकी ग्रुप ने नगाड़ा वादन, यूआरएम स्कूल द्वारा प्रस्तुतियां दी। वहीं हेमंत देवड़ा एवं याशिका ने पारम्परिक नृत्यों की प्रस्तुत देकर दर्शकों की तालियां बटोरी। कार्यक्रम में मिनल गौड़ ने ओडिसी नृत्य पर भगवान कृष्ण की माखन चोरी लीला को साकार किया। बालिका मयूरी पाराशर ने राजस्थानी नृत्य घूमर पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया। अजमेर के गायककार राहुल भट्ट की टीम ने अपनी प्रस्तुति दी। इसके बाद पुष्कर की उभरती बाल गायिक मानसी पाराशर ने भजनों की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
–श्री अखिल भारतीय दाधीच सेवा ट्रस्ट की ओर से मां दधीमति मंगल पाठ एवं तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।
श्री अखिल भारतीय दाधीच सेवा ट्रस्ट की ओर से सोमवार को मां दधीमति मंगल पाठ एवं तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष ओमप्रकाश दायमा ने बताया कि सुबह 9 बजे ट्रस्टियों द्वारा मां दधीमति का पूजन कर भंडारे का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर गोवाहाटी के रमेश दाधीच ने मंगल पाठ की संगीतमय प्रस्तुति दी। इस मौके पर दुर्गा प्रसाद दायमा, भालचंद्र व्यास, हेमराज दाधीच, विष्णु दाधीच, देवेंद्र दाधीच, राजेश आचार्य, गोविंद नारायण तिवारी, घनश्याम सूंठवाल, बालूराम पलोड़, सोहनलाल दायमा, पं.कैलाशनाथ दाधीच, सूर्यप्रकाश व्यास, सुरेश चंद्र कंठ, रूपनारायण आसोपा आदि मौजूद थे।
