-कहा, ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे समाज में घृणा उत्पन्न हो
-मतदाताओं को डराना-धमकाना अथवा रिश्वत देना अपराध
-राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित
हर्षित सैनी
रोहतक, 22 सितम्बर। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आर एस वर्मा ने कहा है कि राजनीतिक दलों को निर्धारित स्थान पर ही प्रचार सामग्री लगानी होगी और इसके लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। वे आज विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश है कि चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के उपरांत संबंधित राजनीतिक दलों को ही लगाई गई प्रचार सामग्री हटवानी होगी। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो प्रचार सामग्री को हटवाने पर आने वाला खर्च उनसे वसूला जाएगा। विभिन्न प्रकार की अनुमति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रदान की जाएगी। यह अनुमति पहले-आओ पहले पाओ के सिद्धांत पर मिलेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च की सीमा 28 लाख रुपए निर्धारित की है। वीडियो वैन की अनुमति राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा प्रदान की जाएगी। 10 हजार से अधिक का खर्च नकदी की बजाए चैक आदि से किया जाना है।अगर किसी व्यक्ति के पास 50 हजार रुपये से ज्यादा का कैश पाया जाता है तो इस राशि के बारे में पूछताछ की जाएगी।

वर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग की हिदायतों को लागू करवाने के लिए वीडियोग्राफी व अन्य चैकिंग टीम तैनात की जा चुकी है। अगर कोई चुनावी एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी एजेंटशिप रद्द कर दी जाएगी और संबंधित दल को इसका कोई विकल्प भी प्रदान नहीं होगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि प्रचार के मंच के रूप में मस्जिदों, गिरजा घरो, मंदिरों या पूजा के अन्य स्थानों का प्रयोग न किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि वोट प्राप्त करने के लिए जातीय अथवा सांप्रदायिक भावना का प्रयोग न किया जाए। ऐसा कोई कार्य न करें जिससे कि विभिन्न जातियों धर्मो अथवा भाषाई समुदायों के बीच घृणा की भावना उत्पन्न हो। ऐसा कोई भी कार्य न करें जो भ्रष्टाचार व अपराध की श्रेणी में आता हो, जैसे मतदाताओं को रिश्वत देना, उन्हें डराना, धमकाना आदि। सत्ताधारी दल के बारे में निर्देश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान सरकारी मशीनरी का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा सत्ताधारी पार्टी या उसके उम्मीदवार विश्राम घरो, डाकबंग्लो, सरकारी आवासों व हेलीपैड के प्रयोग आदि पर अपना एकाधिकार नहीं जमा सकते हैं।

पुलिस ने चलाया विशेष अभियान-शर्मा
जिला पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पिछले 15 दिनों से बेल जंपर, शस्त्र अधिनियम व नशीला पदार्थ अधिनियम से संबंधित आरोपियों के खिलाफ विशेष अभियान पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 26 बेल जंपर व 16 भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा 11 शस्त्र अधिनियम के तहत तथा 17 नशीला पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। नियमित रूप से चेकिंग अभियान जारी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। जिला में लगभग 7 हजार लोगों को शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए हैं, उनमें से 33 सौ लाइसेंस जमा करवाए जा चुके हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार, नगराधीश महेश कुमार, एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, अभिषेक मीणा, एमटीपी केके वाष्र्णेय, चुनाव तहसीलदार सुरेंद्र सिंह व अन्य प्रशासनिक अधिकारी व विभिन्न पार्टियों से जिनमें मुख्य रूप से अड़ीचंद निम्बडिया लोकसभा प्रभारी पदाधिकारी बीएसपी, एडवोकेट हरभजन खेड़ा कांग्रेस, मंजीत सिंह जिला अध्यक्ष बीएसपी, सुरेश कुमार विधानसभा अध्यक्ष बीएसपी, कृष्णपाल गुज्जर जिला संयोजक चुनाव प्रबंधन भाजपा, जेपी भाली जिला अध्यक्ष इनेलो, सिकंदर बल्हारा सचिव आम आदमी पार्टी, अशोक व प्रिटिंग प्रेस के मालिक उपस्थित थे।

प्रिंटिंग प्रेस निगरानी के दायरे में
-आर्डर देने वाले की आई डी का रखे रिकॉर्ड :-
श्री वर्मा ने इससे पहले प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक को भी संबोधित किया और उन्हें चुनाव से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को प्रकाशन से संबंधित लिखित ऑर्डर लेना होगा और सामग्री का प्रमाण भी अपने पास रखना होगा।
उन्होंने कहा कि ऑर्डर देने वाले व्यक्ति की आईडी भी लेनी होगी। अगर किसी प्रकाशित सामग्री पर प्रेस का नाम नहीं लिखा हुआ तो जांच के बाद उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। वर्मा ने आदेश दिए कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति आपका चुनाव से संबंधित सामग्री का प्रकाशन पर आता है तो उसका पूरा विवरण भी प्रिंटिंग प्रेस संचालक को अपने पास रखना होगा। उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वीवी पैट का दिया प्रशिक्षण
मीडिया कर्मियों को वीवी पैट का प्रशिक्षण दिया गया। वीवी पैट का डेमो भी दिखाया गया।