Site icon OmExpress

प्रवर्तिनी साध्वीश्री शशि प्रभा से लिए आशीर्वाद,  जैन संतों के लिए हाई वे की सरकारी स्कूलों में कमरे निर्माण का प्रस्ताव

बीकानेर 15 नवम्बर । खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणि प्रभ सूरिश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती साध्वीश्री शशि प्रभाश्रीजी.म.सा. से शुक्रवार को गंगाशहर मार्ग पर स्थित रेलदादाबाड़ी में उर्जा मंत्री डाॅ. बुलाकी दास कल्ला ने मुलाकात की तथा उनसे आशीर्वाद लिया।

मुलाकात के दौरान साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा., सौम्यगुणा व श्री खरतरगच्छ युवा परिषद के मंत्री मनीष नाहटा, वरिष्ठ श्रावक महावीर नाहटा, धर्मवीर नाहटा व मनोज सेठिया ने डाॅ. कल्ला से आग्रह किया कि सर्व जैन समाज के साधु-साध्वियों के विचरण के समय एक-दो दिन के अस्थाई प्रवास के लिए जैन समाज का एक ट्रस्ट राजस्थान में हाई वे की सभी स्कूलों में पक्के कमरें का निर्माण करवाना चाहता है। स्कूलों में बने इस पक्के कमरे का उपयोग पूरे साल स्कूल के बच्चों के लिए उपयोग में आए गा, जब साधु-साध्वी विचरण करेंगे तब एक दिन के लिए उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने राजस्थान के सभी कक्षाओं के पाठ््यक्रमों में भगवान महावीर के सिद्धान्तों व जीवन आदर्शों, विशेषकर ’’अहिंसा परमोः धर्म’’ को शामिल करने और भगवान महावीर पर पी.एच.डी. सभी विश्व विद्यालयों से विद्यार्थियों को करवाने का प्रस्ताव रखा।

डाॅ. कल्ला ने कहा कि वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री से इस संबंध में बातचीत कर कार्यवाही करेंगे। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धान्त जैन ही नहीं सभी धर्म व सम्प्रदाय के लिए अनुकरणीय व प्रेरणादायक है। भगवान महावीर के सिद्धान्त सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अचैर्य व ब्रह््मचर्य पूर्ण शाश्वत व प्राणी मात्र के कल्याण के लिए है।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तिनी साध्वीश्री शशि प्रभा के चातुर्मास काल में अनेक अनुकरणीय व प्रेरणादायक कार्यक्रम हुए। विशेषकर सरस्वती महापूजन, मंदिरों में श्रमदान से स्वच्छता अभियान और बीमार, लाचार श्रावकों के घर जाकर उनको पूजन करवाने सहित सभी कार्यक्रम अनुकरणीय रहे। सरस्वती जाप व बाल संस्कार शिविर में जैन समाज के साथ दूसरे समाज वर्ग के लोगो ने भी हिस्सा लेकर लाभ लिया।

उन्होंने कहा कि विद्या प्राप्ति के लिए विद्यार्थियों के लिए देवी सरस्वती के बीज मंत्र ऊं ऐं सरस्वती नमःः’’ का जाप अनुकरणी रहा है। इसके जाप से बुद्धि कुशाग्र व तेज होती है तथा बच्चों का पढ़ने में मन लगता है। डाॅ. कल्ला ने रेलदादाबाड़ी के मंदिर में दर्शन किए तथा दादा गुरुओं से बीकानेर ही नहीं राजस्थान के चहूंमुखी विकास, आपसी भाई चारे व सद््भावना में श्रीवृृद्धि करने की कामना की।

Exit mobile version