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फर्जी चालान के बल पर45 करोड़ रुपये के रिफंड का लाभ उठाने वाला आईटीसी धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

– लगभग 45 करोड़ रुपये के आईटीसी धोखाधड़ी के आरोप में एक गिरफ्तार

नई दिल्ली।सीजीएसटी आयुक्तालय,दिल्ली दक्षिण की कर-प्रवंचना रोधी (एंटी-एविज़न) शाखा द्वारा प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर, अधिकारियों ने मेसर्स सनफ्लेम ट्रेडिंग प्रा लि, मेसर्स अटलांटिक इंटरनेशनल ट्रेडिंग प्रा लिमिटेडऔर मेसर्स ब्लू स्टार इंटरनेशनल प्रा लि, मेसर्स ब्लू इवोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स वाइट माउंटेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेडके खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये फर्में मुख्य रूप से जी -56, ग्रीन पार्क, नई दिल्ली -110016से अपना व्यवसाय करती हैं और इन फर्मों ने फर्जी / डमी फर्मों के जीएसटीआईएन पर जारी आईटीसी का गलत तरीके से लाभ उठाया है और इस तरह के नकली चालान के आधार पर आईटीसी का रिफंड प्राप्त किया है।

जब्त दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच तथा ई-वे पोर्टल / जीएसटीएन पोर्टल पर उपलब्ध डेटा / सूचना के आधार परयह पाया गया कि श्री अभिजीत सलूजा (निदेशक) और श्रीमती लूपिता सलूजा (निदेशक) ने मेसर्स सनफ्लेम ट्रेडिंग प्रा लि, मेसर्स अटलांटिक इंटरनेशनल ट्रेडिंग प्रा लि, नई दिल्ली -110016,मेसर्स ब्लू स्टार इंटरनेशनल प्रा लि, मेसर्स ब्लू इवोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स व्हाइट माउंटेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम सेपांच फर्जी निर्यात फर्म बनाए हैं और ई-वे बिल पोर्टल पर मनगढ़ंत जानकारी प्रदान करने वाले फर्जी चालान के बल पर45 करोड़ रुपये के रिफंड का लाभ उठाया है। जांच के दौरान, यह पाया गया कि उपरोक्त सभी 5 फर्मों के अधिकांश आपूर्तिकर्ता व्यापार के घोषित प्रमुख स्थान पर या तो अस्तित्व में नहीं थे या जीएसटी पंजीकरण में दिए गए पते मनगढ़ंत / अस्तित्व में नहीं थे।

श्री अभिजीत सलूजा, जो निदेशक हैं और फर्मों की गतिविधियों के मुख्य लाभार्थियों में से एक हैं, को 10 दिसम्बर, 2020 को गिरफ्तार किया गया और मेडिकल परीक्षण व कोविड जांच के बाद, 11दिसम्बर, 2020 को माननीय सीएमएम, पटियाला हाउस कोर्ट्स के समक्ष पेश किया गया। माननीय मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा श्री अभिजीत सलूजा को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

इस वित्तीय वर्ष यानी 2020-21 में सीजीएसटी दिल्ली ज़ोन द्वारा ठोस कार्रवाई की गई है, जिसके परिणामस्वरूप 3542.02 करोड़ रुपये की जीएसटी प्रवंचना (एविज़न) का पता चला है और अब तक 14 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

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