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बजट के अभाव में मरीजों के इलाज में दिक्कत नहीं आनी चाहिए-अशोक निगम

स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेजों के निर्देशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारियों का लिया जायजा
प्रदेश में 190 वेंटिलेटरों की संख्या बढ़ कर होगी 400
उच्चाधिकारियों ने तत्काल और पीपी किट खरीदने के लिए दिए आदेश
हर्षित सैनी
रोहतक, 19 मार्च। कोरोना वायरस की जंग से लड़ने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार करने में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने हरियाणा मेडिकल कॉलेज के निदेशकों के साथ बैठक करते हुए साफ कर दिया कि किसी भी स्थिति में बजट के अभाव में मरीजों के इलाज में दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन-जिन संसाधनों की आवश्यकता है, उसको प्रस्ताव सरकार को तत्काल भेजें ताकि सभी संसाधन समय से पहले उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने हेल्थ यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों के वेतन के 40 करोड़ तथा अन्य संसाधनों के लिए साढ़े 4 चार करोड़ रुपए का बजट भी तत्काल जारी करने का ऐलान कर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक निगम, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डा. सूरजभान कम्बोज, मैडिकल एज्यूकेशन व रिसर्च के निदेशक राजनारायण ने पीजीआईएमएस के कुलपति डॉ. ओ.पी. कालरा, रजिस्ट्रार डा. एच.के. अग्रवाल समेत विश्वविद्यालय से संबद्ध मेडिकल कॉलेजों के निर्देशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारियों का जायजा लिया।सबसे पहले उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों में पीपी (पर्सनल प्रोटेक्टिव) किट, मास्क, सैनेटाइजर की उपलब्धता और आवश्यकता की भी जानकारी ली।

पीजीआईएमएस के प्लमोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक निगम को बताया कि केवल पीजीआई रोहतक में ही चिकित्सकों के लिए 6000 किट प्रति माह की आवश्यकता है। उच्चाधिकारियों ने तत्काल और पीपी किट खरीदने के लिए आदेश तुरंत जारी कर दिए।
सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में वेंटिलेटर की संख्या को लेकर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 190 वेंटिलेटर मौजूद हैं। अधिकारियों की सरकार इनकी संख्या 400 तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। मरीजों का ब्यौरा रखने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में 11 रजिस्टर बनाने के लिए आदेश दिए।

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