Site icon OmExpress

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में कोर्ट ने दर्ज किया आडवाणी का बयान

– 4 घंटे से अधिक चली पूछताछ

– बाबरी मस्जिद विध्वंस (Babri mosque demolition) मामले में विशेष सीबीआई अदालत (Special CBI court ) 24 जुलाई यानी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी (L K Advani) का बयान दर्ज किया है

नई दिल्ली।बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने नई दिल्ली से सीआरपीसी के तहत अपना बयान दर्ज करवाया. उन्होंने अपनी गवाही में उन्होंने पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया. आडवाणी ने कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने साजिशन उन्हें फसाया है, वो पूरी तरह से निर्दोष हैं.

चार घंटे से अधिक चली पूछताछ
लालकृष्ण आडवाणी से बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के जज ने करीब 4.30 घंटे में तकरीबन 100 सवाल पूछे. आडवाणी ने सारे सवालों का धैर्यपूर्वक जवाब दिया और खुद पर लगाये गए सभी आरोपों से इनकार किया. ये पूछताछ लगभग सुबह 11 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक चली. सीबीआई के विशेष अदालत के जज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आडवाणी का डेपोजिशन स्टेटमेंट लिया।

इसी के साथ अयोध्या मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ली जा रही गवाही पूरी हो गई है।

आरोपितों में से 17 की मौत
अयोध्या ढांचा विध्वंस मामले में 6 दिसंबर 1992 को थाना राम जन्मभूमि में FIR दर्ज कराई गई थी. इस मामले में CBI ने जांच करते हुए 49 आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. वहीं, आरोपितों में से 17 की मौत हो चुकी है. सभी गवाहों के बयान के बाद अभियुक्तों को अपनी सफाई पेश करने का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद सीबीआई और अभियुक्तों के वकीलों के बीच बहस होगी. उसके बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को विशेष अदालत को 31 अगस्त तक केस की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था।

6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी में विवादित मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया था. इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, अशोक सिंघल, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा सहित अन्य नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

Exit mobile version