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बाल श्रम मनवाधिकारों का खुला उल्लंघन है: न्यायधीश श्रीमती सूद

झुंझुनूं,(दिनेश शर्मा “अधिकारी”)। माननीय राजस्थान राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देषानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं द्वारा बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विभिन्न ऑनलाईन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झुंझुनूं सचिव न्यायधीश श्रीमती दीक्षा सूद ने बताया कि षिक्षा का प्रचार-प्रसार व अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के होते हुए भी आज के समय में भी कई छोटे-छोटे बच्चे स्कूल छोड़ कर बाल श्रम मजदूर बन जाते हैं। इनमें सबसे अधिक गरीब तबके के बच्चे होते है जिनके अभिभावकों में मौलिक षिक्षा की कमी होती है और यही कारण है कि ऐसे अभिभावक अपने बच्चों को घर-परिवार के पालन-पोषण करने हेतु कई जगहों पर मजदूरी करने हेतु छोड़ देते है। इससे भी बड़ी विडंबना यह है कि कई अभिभावक कुछ पैसो के लिए अपने बच्चों को बेच तक देते है।

बाल श्रम मनवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। यह बच्चों के मानसिक शारीरिक, आत्मिक, सामाजिक तथा बौद्धिक हितों को प्रभावित करता है। बच्चों में बाल श्रम से होने वाली हानियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आज विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व तालुका विधिक सेवा समितियों द्वारा विभिन्न ऑनलाईन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीमती सूद ने बाल श्रम को सामाजिक व कानूनी रूप से गलत बताते हुए कार्यक्रम से जुड़े लोगों को अपने क्षेत्रों में गरीब तबके में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फेलाने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होने कहा कि यदि एक षिक्षित व्यक्ति किन्ही भी दो व्यक्तियों को षिक्षित करता है तो इसका अर्थ है कि दो परिवार षिक्षा प्राप्त कर चुके है। अतः यह आवष्यक है कि हम सभी मिलकर जमीनी स्तर पर इस कार्य को करें ताकि बाल मजूदरी, बाल विवाह व अपराधों को रोका जा सके वहीं महिला सषक्तिकरण, सबको न्याय व सम्मान मिलें। ऑनलाईन कार्यक्रम में आगे जानकारी देते हुए पैनल अधिवक्ता बाबूलाल सैनी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बच्चों के अधिकार व संरक्षण के संबंध में नालसा द्वारा जारी स्कीम के तहत कार्य किया जाता है व अन्य नालसा व रालसा की स्कीमों के तहत सबको न्याय सबको सम्मान की भावना से कार्य किया जाता है। इसके अतिरिक्त सैनी ने बाल विवाह रोकथाम, नारी सम्मान व गौरव, कोविड-19 वैक्सीनेषन, सपोर्ट टू सर्वाइवर, जनउपयोगी सेवाएं, विधिक सहायता आदि विषयों की भी जानकारी प्रदान की। बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति, खेतड़ी, चिड़ावा, पिलानी, उदयपुरवाटी व नवलगढ़ द्वारा भी ऑनलाईन कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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