जमुई(बिहार)(मुकेश कुमार)।कृषि विज्ञान केंद्र जमुई द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत रविवार को मुर्गी पालन विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से दिया गया।केंद्र के प्रमुख डॉ.सुधीर कुमार सिंह ने कार्यक्रम से जुड़े बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना द्वारा नामित विशेषज्ञों से किसानों का परिचय कराया। विशेषज्ञ डॉ.पंकज सिंह ने मुर्गी पालन से संबंधित जानकारी किसानों को दी।मुर्गियों में होने वाली बीमारी रानीखेत,चेचक आदि से बचाव को लेकर टीकाकरण एवं दवा की जानकारी पशु रोग विशेषज्ञ डॉ.पल्लव शेखर ने दी।डॉ.रवि रंजन ने मुर्गियों के रखरखाव एवं खानपान के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि अंडे का आकार एवं मुर्गी के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है।मुर्गी के पानी पीने वाले बर्तन को चूने से रंग देने से कैल्शियम पानी के साथ मुर्गियों को आसानी से उपलब्ध हो जाता है।डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने मुर्गियों और अंडे के बाजार की जानकारी दी।मुर्गी पालक पप्पू कुमार ने मुर्गियों को खिलाने के लिए स्थानीय स्तर पर फीड तैयार करने की जानकारी मांगी।

चकाई के किसानों ने वनराजा नस्ल की मुर्गी के चूजे की उपलब्धता को लेकर प्रश्न रखा।बरहट प्रखंड से मुर्गी पालक माधुरी कुमारी ने वनराजा नस्ल की मुर्गियों में प्रजनन समस्या का समाधान की जानकारी ली।केंद्र प्रमुख डॉ.सुधीर ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिग में किसानों द्वारा उठाए गए समस्याओं का समाधान कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किया जाएगा।बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ.ए.के.ठाकुर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए उपलब्ध विशेषज्ञ के साथ कृषि विज्ञान केंद्र प्रमुख डॉ. सुधीर सिंह एवं किसानों को धन्यवाद दिया।चकाई,जमुई, बरहट एवं गिद्धौर प्रखंड के 25 किसानों ने भाग लिया।