

-दबंगई पर उतर दुकान खोल कपड़ा बेच रहे हैं व्यापारी
– प्रशासन मात्र कार्रवाई की कह रहे हैं बात
-बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण का बढ़ा खतरा
बिहार(सुपौल)ओम एक्सप्रेस ब्यूरों-सम्पूर्ण विश्व में आजकल मानव सभ्यता का सबसे बड़ा दुश्मन बन गए कोरोना वायरस संक्रमण की गंभीर बीमारी का आपदाकाल का बेहद संवेदनशील दौर चल रहा है।
भयावह आपदा के मद्देनजर बचाव के लिए देश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए, गृह मंत्रालय के द्वारा 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया है। लोगों को चरणबद्ध तरीके से कुछ मिलने वाली छूट के साथ लॉकडाउन-3 का काल 4 मई से शुरू हो गया है। लोगों को मिलने वाली इस छूट में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश में ग्रीन-ऑरेंज-रेड सभी जोन में कुछ शर्तों के साथ कुछ जरूरी दुकान को खोलने की छुट दे भी रखी है।वैश्विक महामारी कोरोना से बचाना है तो लॉक डाऊन का अनुपालन भी जरूरी है।


लगातार ऐसा संदेश पीएम व सीएम के साथ ही विभिन्न राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओ, फिल्म एक्टरों के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके बाद भी सुपौल जिले के व्यापारीयों पीएम व सीएम के संदेश का धज्जियां उड़ा रहे है। बल्कि व्यापारी गोलबंद होकर शोशल डिस्टेंस का भी मजाक उड़ा रहे है।जिससे बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।मामला त्रिवेणीगंज बाजार क्षेत्र का है जहां शनिवार मुख्य बाजार के एन एच 327 ई पर स्थित एक कपड़ा व्यापारी प्रसाशनिक इंतजाम को धत्ता बताते हुए से अपनी दुकान खोल कर मजे से ग्राहकों को कपड़ा बेच रहे हैं। मजेदार बात यह है कि दुकान के बगल में ही पुलिस पिकेट ,मजिस्ट्रेट चौबीस घंटे मौजूद रहते हैं। बाबजूद लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के बदले नजरअंदाज करना ही शायद बेहतर समझते हैं।
लॉक डाउन का खुलेआम उलंघन कर रहे इस दुकानदार के कारनामे को जब शनिवार की संध्या एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संवाददाता ने कैमरे में कैद किया तो दुकानदारो के गिरोह ने उक्त पत्रकार पर हमला बोल उनका मोबाईल फोन फेक दिया ।संयोग वश उसी समय एसडीएम विनय कुमार सिंह वहां से गुजर रहे थे ,दुकान पर भीड़ देख उन्होंने गाड़ी रुकवा कर मामले का जायजा लिया ,और इसे लॉक डाउन का उल्लंघन मानते हुए दोषी दुकानदार पर केस दर्ज करने का घोषणा किया ।
सम्भावित कार्यबाही के भय से लोकडौन 03 का लगातार उलंघन में सक्रिय कुछ दुकान दार इकठ्ठा हो दवाव बनाने का प्रयास करने लगे। इस दरम्यान पुलिस और प्रसासनिक लोग भी मौजूद थे, बाबजूद किसी ने भी शोशल डिस्टेंशिंग का पालन करना भी मुनासिब नहीं समझा। इसी दौरान एएसडीएम प्रमोद कुमार ने सख्ती दिखाते हुए लोगो को फ़ौरन सड़क खाली कर अपने अपने घर जाने को कहा ,तब भीड़ हटी।
मालूम हो कि लॉकडाउन 03 में बाजार क्षेत्र में दर्जनों दुकानदार दबंगई से प्रतिबंधित दुकानों को खोल ग्राहकों को खुलेआम समान बिक्री करते हैं ।रोकने टोकने पर गिरोह बना कर हंगामा करने लगते हैं।लेकिन लॉक डाउन के पालन में लगातार सख्ती दिखाने वाले प्रशासनिक अमला लॉक डाउन 03 में न जाने क्यों सुस्त है।


पुलिस प्रशासन मेरी जेब में ……
व्यापारियों ने खबर संकलन कर रहे अन्य कई पत्रकारों के साथ भी अपशब्द गाली-गलौज,झूठा जान से मारने धमकी देते हुए स्थानीय पुलिस की हवाला देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन मेरी जेब में है। झूठा व संगीन मुकदमा में भी फसाने की भी धमकी दी जाने लगी है।जबकि देश के कई पत्रकार कोरोना पोजेटिव हो गए है बाबजूद त्रिवेणीगंज में पत्रकार आपदाकाल में अपनी लेखनी से कोरोना संक्रमण के बचाव को लेकर जागरूकता अभियान के साथ लॉक डाउन की विफलता की खबर प्रकाशित कर रहे है वही दूसरी ओर व्यापारी पत्रकार को भी नही छोड़ रहे है।


” लॉक डाउन उल्लंघन को लेकर अभी तक कोई आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जायेगी।
विनय कुमार सिंह
एसडीएम, त्रिवेणीगंज
