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बिहार विधानसभा उपचुनाव 2 सीटों पर त्रिकोणात्मक मुकाबला।

– पटना से एस एन श्याम

पटना 29 अक्टूबर। बिहार विधान सभा के 2 सीटों कुशेश्वर स्थान और तारापुर के उप चुनाव में पार्टियों के प्रचार का शोर थम गया है। मतदाता चुप्पी साधे हैं तो उम्मीदवार एवं राजनीतिक दल के नेताओं के दिल का धड़कन बढ़ गया है ।30 अक्टूबर को इन दोनों सीटों पर होने वाले चुनाव में कांग्रेस राजद और जदयू ने जीत का परचम लहराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है ।गौरतलब है कि कुशेश्वरस्थान के विधायक शशिभूषण हजारी और तारापुर से मेवालाल चौधरी के आकस्मिक निधन के कारण इन दोनों सीटों पर उप चुनाव हो रहा है ।
इन दोनों सीटों पर इस बार कांग्रेस और राजद ने अलग-अलग उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारा है। जबकि दोनों सीट जदयू के खाते की है। एनडीए ने अमन भूषण हजारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। क्यों राजद के सेकंड सुप्रीमो तेजस्वी यादव मुसहर समाज से गणेश भारती को कुशेश्वरस्थान तो बैश्य समाज के अरुण शाह को तारापुर से में उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों पर राजद और जदयू के बीच कांटे की टक्कर की खबर है। हालांकि कांग्रेसी भी इसमें पीछे नहीं है ।

राजद और कांग्रेस में अलगाव के बाद तेजस्वी यादव ने इन सीटों पर खासकर कुशेश्वर स्थान में मुसहर और तारापुर वैश्य समाज का जो कार्ड खेला है वह तेजस्वी की दूरदर्शिता को दर्शाता है। अगर यह दोनों सीट राजद के खाते में जाते हैं तो राजनीतिक गलियारे में तेजस्वी यादव की दूरदर्शिता के लोग कायल हो जाएंगे। हालांकि ज द यू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारकर दोनों सीटों पर तीर को निशाने पर लगाने का पुरजोर प्रयास किया है। सुबह के मंत्री मुकेश सहनी से लेकर संजय झा ने लोगों को सरकार के विकासात्मक कार्यों का लेखा जोखा बताया है ।लेकिन हाल के दिनों में बिहार में जिस ढंग से अपराध बढ़ा है ।विधि व्यवस्था पर पकड़ कमजोर हुई है इससे जनता वर्तमान सरकार से खफा भी है। तारापुर में कुनबाई समीकरण बनाने की जुगत हुई तो कुशेश्वर स्थान में मुद्दा पुराना है बस नजरिया नया है ।
बहरहाल, कुशेश्वरस्थान में कांग्रेश भी जीत की दौड़ में शामिल नजर आती है ।राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के चुनावी दौरे ने यहां का नजारा भी बदला है ।वही तारापुर में राजद ,ज द यू, एवं कांग्रेस में त्रिगुणात्मक संघर्ष के आसार नजर आ रहे हैं ।

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