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बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय का ‘हनी-बी नेटवर्क’ के साथ एम.ओ.यू.

गावों में नई तकनीक एवं सशक्तिकरण के लिए करेंगे एक साथ प्रयासः-प्रो.एच.डी.चारण

बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय स्थापना वर्ष से ही समाज में तकनीकी विकास एवं लीक से हटकर नवाचारों के प्रति नए नए आयाम स्थापित करने में सफल रहा है। इसी क्रम में आत्मनिर्भर ग्राम की संकल्पना के साथ विश्वविद्यालय ने हनी-बी नेटवर्क के साथ एक समझौता ज्ञापन सम्पन्न किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.हाकम दान चारण तथा हनी-बी नेटवर्क के श्री अनिल कुमार गुप्ताने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर एवं समझौता ज्ञापन एक दूसरे संस्थानों केा हस्तांतरित किए। इस समझौता ज्ञापन के अन्तर्गत किए जाने वाले सभी कार्य विश्वविद्यालय के ‘‘खोज प्रकोष्ठ’’ के तहत किए जाऐगें। ‘खोज प्रकोष्ठ’ की समन्वयक और इण्डस्ट्री इंस्टीटूयट रिलेशन की सह-अधिष्ठता डाॅ ममता शर्मा पारीक विश्वविद्यालय की तरफ से एम.ओ.यू के अधीन होने वाली गतिविधियों का निर्देशन करेगी।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. हाकम दान चारण ने बताया कि भारत की आत्मा गावों में बसती है और जब तक गाँव आत्मनिर्भर नहीं होते,नई तकनीक का लाभ और हस्तांतरण उन तक नहीं पहुँचता तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा है। इसी मुतव्य को ध्यान मे रख कर विश्वविद्यालय ने यह समझौता ज्ञापन किया है। हनी बी नेटवर्क के श्री अनिल कुार गुप्ता ने बताया किया कि य ह एम0ओ0यू मुख्य तौर पर विज्ञान, कृषि, शिक्षा, जन सेवा एवं सांस्कृतिक विकास हेतू कार्य करेगा और छात्रों की रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित की जाऐगी। इसमें विद्यार्थीयों एवं शिक्षकों के रूचि आधारित शोध कार्य होंगे। इस अवसर पर उपस्थित विश्वविद्यालय के निदेशक डाॅ0 यदुनााि सिंह ने बाताया कि विद्यार्थी एवं शिक्षक गाँवों की सामान्य समस्याओं का समाधान विशेषज्ञ परामर्श एवं नवोन्मेष द्वारा करेंगे। विद्यार्थीयों को जमीनी स्तर पर गावों में विविध क्षेत्रों जैसे कृषि, पारम्परिक ईलाज, लघु उद्योगों के विाकस इत्यादि में सहायता हेतू प्रोत्साहित किया जाऐगा। इसी क्रम में विद्यार्थी अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग, खनन, टेक्सटाईल तथा अन्य सेक्टरस में शोध करेगें। इस अवसर पर हनी-बी नेटवर्क की तरफ से अनामिका डे भी उपस्थित थी

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