तीसरे दिन हुए 6 नाटक

भरतमुनि के नाट्य शास्त्र पर हुई सार्थक चर्चा

बीकानेर। अनुराग कला केंद्र, विरासत संवर्धन संस्थान, उत्तर पश्चिम रेलवे साहित्य संस्कृति एवं ललित कला संस्थान, बीकानेर मंडल, होटल मिलेनियम एवं आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के संयुक्त तत्वावधान में बीकानेर में 4 से 8 मार्च तक आयोजित हो रहे बीकानेर थिएटर फेस्टिवल 2020 के तीसरे दिन हंशा गेस्ट हाउस में अनुराग कला केंद्र द्वारा निर्मोही व्यास नाट्य सम्मान गोवा के वरिष्ठ रंगकर्मी विजय नायक को दिया गया।

इस अवसर पर कमल अनुरागी, मधु आचार्य, डॉ अर्जुन देव चारण, डॉ नंदकिशोर आचार्य सुधेश व्यास इत्यादि ने श्री नायक को ग्यारह हजार रुपये की राशि, शाल, साफा, श्रीफल, सम्मान पत्र व ममेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। हरीश बी शर्मा ने इस कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए विजय नायक का परिचय दिया। इस अवसर पर स्व निर्मोही व्यास के समृद्ध रंग योगदान को स्मृत किया गया।
फेस्टिवल के समन्वयक विजयसिंह राठौड़ के मुताबिक इस कार्यक्रम से पहले हंशा गेस्ट हाउस में विजय नायक के नाटक “थेंक्यू दादाजी” का मंचन किया गया। अकेले पन से जूझते हुए एक वृद्ध की सशक्त मार्मिक कहानी का नाट्य रूपांतरण नायक द्वारा इस नाटक में किया गया है।

फेस्टिवल के क्यूरेटर सुनील जोशी ने बताया कि रेलवे अॉडिटोरियम में दोपहर 2:30 बजे मंचित कोलकाता के नाटक “थ्रस्टि क्रो रिटर्न्स ” में नए संदर्भ में पुरानी थ्रस्टि क्रो कहानी को प्रस्तुत करते हुए इस नाटक के निर्देशक सुबोजीत बंधोपाध्याय ने पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश मनोरंजनत्मतक रूप में बहुत बेहतर तरीके से किया है। टाऊन हॉल में मंचित नाटक अल्फाज़ ए इस्मत ” में निर्देशक अभिषेक मुद्गल, जयपुर ने इस्मत चुगतई की कहानी को बहुत ही सार्थक और सशक्त रूप से उजागर किया है।
फेस्टिवल के व्यवस्था प्रभारी विकास शर्मा ने बताया कि शेक्सपियर के चर्चित नाटक मैडबेथ का मंचन मुंबई के रूपेश टिल्लू के निर्देशन में टी एम अॉडिटोरियम में प्रयोग शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों की अच्छी दाद निर्देशक को मिली। अमित सोनी ने बताया कि आखिरी खेल नाटक मस्ती भरा असंगत शैली का अभिनव नाटक है। दीपक पारीक, जयपुर द्वारा निर्देशित इस नाटक का मंचन टी एम अॉडिटोरियम में हुआ।

रविंद्र रंगमंच पर जम्मू के नाटक उरूभंगम का मंचन अभिषेक भारती के कुशल निर्देशन में हुआ।
फेस्टिवल के मीडिया कॉआर्डिनेटर गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि सुबह दस बजे हंशा गेस्ट हाउस में रंग संवाद का आयोजन किया गया। इस रंग संवाद के अंतर्गत एनएसडी के चेयरमैन डॉ अर्जुन देव चारण और लेखक राजेंद्र जोशी द्वारा भरतमुनि के नाट्य शास्त्र के संबंध में सार्थक संवाद स्थापित किया गया।