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बीकानेर रेलवे बाईपास जनता के साथ नेताओं का छल, कपट पूर्ण व्यवहार ! – हेम शर्मा

बीकानेर रेलवे बाईपास बनाने के मुद्दे पर श्रीकोलायत से पूर्व विधायक आर के दास गुप्ता, राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री डा बी डी कल्ला, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जो बात कहते आएं हैं हुआ ठीक उसके उल्टा है! इन नेताओं के विरोध के चलते रेलवे क्रासिंग की समस्या उलझी रही है। गुप्ता के अनुसार बीकानेर के सांसद अर्जुन राम मेघवाल और बीकानेर शहर के विधायक बी डी कल्ला जो प्रदेश व केन्द्र में मंत्री हैं। ये दोनों नेता आज तक बाईपास की बात ही करते आए हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीकानेर के दोनों फाटकों की समस्या के लिऐ सांखला फाटक पर ओवर ब्रिज और कोटगेट फाटक पर अंडरब्रिज बनाने हेतु 35 करोड़ रूपए की धनराशि स्वीकृत की है। घोषणा के थोड़ी ही देर में बी डी कल्ला की ओर से बधाई सन्देश भी सोशल मीडिया में देखने को मिल गया।
( इस मुद्दे पर आर के दास गुप्ता एडवोकेट, पूर्व विधायक एवम् संयोजक, जन संघर्ष समिति, बीकानेर की कलम से :-
मंत्री बी डी कल्ला ने रेल बाई पास बनाने की अपने संकल्प की जगह अंडरब्रिज की योजना पर सहमति एवम प्रसन्नता प्रकट करना बीकानेर के जनमानस के साथ छल एवम कपटपूर्ण तथा विश्वासघात करने जैसा व्यवहार है।
गुप्ता के अनुसार हम पिछले बत्तीस सालों से बाईपास रेलवे ट्रैक बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ? मंत्री बी डी कल्ला ने रेलवे के आधिकारियों की हां में हां मिलाने के कारण अंडरब्रिज की योजना को स्वीकृति दी गई है, जिसे किसी भी हालात में स्वीकार और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने सन 2003 में रेलवे बाई पास ट्रैक बनाने के लिए 61 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी थी, रेल्वे ने भी अपनी पिक बुक में इसे 2003-04 में शामिल किया था।
दिनांक 27/01/2011 को मुख्य मंत्री के निर्देश पर तत्कालीन मुख्य सचिव सलाऊ दीन अहमद ने रेल विभाग के चेयरमैन को रेल बाई पास ट्रैक के लिए 150 करोड़ रुपए रेल्वे को देने की सहमति भी दे दी थी।
बीकानेर की जनता को कोटगेट रेलवे फाटक के पास अंडरब्रिज बनाया जाना कत्तई मंजूर नहीं है। इस समस्या का हल केवल मात्र रेल्वे ट्रैक को हटा कर बाईपास ट्रेक बनाना ही है। राजस्थान सरकार को चाहिए कि वे अपने इस फ़ैसले पर पुनर्विचार कर रेल्वे बाय पास ट्रैक बनाने के कार्य के लिए धन राशि स्वीकृत करे।

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