बीकानेर, 31 जुलाई। जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में ’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को हुई बैठक में कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बच्चियों को शिक्षित करने और समाज में लिंगभेद पर अंकुश लगाने की दिशा में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए प्रयासों की समीक्षा की गई। मेहता ने कहा कि समाज में बेटा-बेटी को लेकर बनी धारणा को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपना और अपने परिवार का नाम रोशन कर रही है। ऐसे में बालक-बालिका में भेद नहीं करना चाहिए।
जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि कई लोगों की अब भी मानसिकता है कि लड़का ही वंश को बढ़ा सकता है, इसलिए देश में बड़ी संख्या में कन्या भ्रूण हत्याएं होती है। लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या लगातार घट रही है। स्कूल नहीं जाने वालों में लड़कियों की संख्या अधिक है। इन्हीं बुराइयों को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के जरिए दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स में शामिल सामाजिक संस्था, डॉक्टर, शिक्षाविद और विभिन्न विभाग के अधिकारी समाज में जागरुकता के लिए कोविड-19 की एडवाइजरी के अनुसार नुक्कड नाटक कार्यक्रम रखें तथा वॉल पेंटिंग, सार्वजनिक स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाए जाएं। स्कूल और वार्ड स्तर चिकित्सा अधिकारियों द्वारा महिलाओं का मार्गदर्शन किया जाए।
सखी वन स्टाॅफ सेन्टर में स्टाॅफ की उपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि सेन्टर के निरीक्षण के दौरान अगर कोई कार्मिक अनुपस्थित मिला तो संबंधित को एक माह का वेतन नहीं मिलेगा।
’म्हारे नाम सूं म्हारो घर’ -जिला कलक्टर ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में नवाचार करते हुए ’म्हारे नाम सुं म्हारो घर’ नेमप्लेट पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि पुरूष प्रधान समाज में प्रायः मकान पर पुरूष के नाम की नेमप्लेट लगाने का प्रचलन है। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के नाम भी नेम प्लेट पर लिखे जाएं तो महिलाओं का आत्म विश्वास बढे़गा। देखने में यह मामूली बात है, लेकिन इसका महिलाओं पर सकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव पडे़गा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव तक इस नेम प्लेट को पहुंचाना सुनिश्चित करते हुए लोगों को इसके लिए प्रेरित करे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि छात्राओं में लीडरशिप की भावना विकसित हो इसके लिए बालिका विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाए।
उन्होंने महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र में पीड़ित महिलाओं को राहत देने की जानकारी देते हुए कहा कि गत् वित्तीय वर्ष में 174 प्रकरण प्राप्त हुए थे, जिनमें से 159 का निस्तारण कर दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 38 प्रकरणों में 23 का निस्तारण कर दिया है और शेष में कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में क्राई यूनिसेफ के जिला समन्वयक अरूण बीठू ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं और बाल अपराध रोकथाम का संयुक्त्त एक्शन प्लान की पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने इस प्लान में किशोरी सशक्तीकरण की विभिन्न योजनाओं और जागरूकता संबंधी गतिविधियों के बारे में चर्चा की। जिसमें उन्होंने बताया कि विशेषकर बाल-विवाह रोकथाम, भ्रूण हत्या तथा कोविड-19 को शामिल कर एक्शन प्लान बनाया गया है।