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भविष्य में ऑफलाइन क्लास रूम टीचिंग के साथ-साथ ऑनलाइन टीचिंग पर विशेष फोकस की जरूरत-प्रो. राजबीर

शिक्षण संस्थानों को शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्त्व पर भी ध्यान देना होगा
हर्षित सैनी
रोहतक, 7 अप्रैल। विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों को शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्त्व पर भी ध्यान देना होगा। शिक्षण संस्थान, विशेष रूप से इस कोरोना वायरस जनित समय में टैक्नोलोजी एनेब्लड लर्निंग से विद्यार्थियों से जुड़ सकते हैं। साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षणिक तथा

व्यक्तिगत काऊंसलिंग का कार्य भी टैक्नोलोजी माध्यमों से किया जा सकता है।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह आज उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा की सहभागिता में आयोजित संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों के ऑनलाइन बैठक एवं कार्यशाला में ये विचार रखे।

कुलपति ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में महाविद्यालयों के प्राचार्यों की भूमिका बेहद महत्त्वपूर्ण है। ग्रास रूट पर स्तर पर विद्यार्थियों को कोविड-19 महामारी बारे जागरूक करने तथा महाविद्यालयों की एनएसएस, यूथ रेडक्रॉस, यूनिवर्सिटी आऊटरिच इकाईयों के जरिए सामाजिक तथा स्वास्थ्य जागरूकता का अलख जगाने का काम किया जा सकता है। यह कार्य स्टे एट होम दिशा-निर्देश का पालन करते हुए सोशल मीडिया माध्यमों से किया जा सकता है।
प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि भविष्य में ऑफ लाइन क्लास रूम टीचिंग के साथ-साथ ऑनलाइन टीचिंग पर विशेष फोकस की जरूरत है। इस संबंध में एमडीयू के डिजीटल लर्निंग सेंटर द्वारा एलएमएस पोर्टल पर शैक्षणिक सामग्री की उपलब्धता की बात कुलपति ने कही। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने संबद्ध महाविद्यालयों के लिए भी इस प्रकार के शैक्षणिक पोर्टल सृजित करने में मदद करने के लिए तैयार है।

उन्होंने बताया कि 10 से 15 अप्रैल तक एमडीयू का फैकल्टी डेवलपमेंट मूक्स तथा ई-लर्निंग टैक्नोलोजीस पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करने जा रहा है। एमडीयू प्रशासन की ओर से महाविद्यालयों को शैक्षणिक उन्नयन के लिए सभी संभव सहायता प्रदान की बात कुलपति ने कही।
उप निदेशक उच्चतर शिक्षा, हरियाणा डा. हेमंत वर्मा ने भी इस ऑनलाइन बैठक में विचार सांझे किए तथा इस बैठक/कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनैस (आईएसबी) के डायरेक्टर एक्सटर्नल रिलेशन्स, डीएलवी कुमार गुरू ने इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग, विजन डेवलपमेंट, एलुमनाई रिलेशन्ज पर विशेष व्याख्यान दिया।

मदवि की डीन एकेडमिक एफेयर्स प्रो. नीना सिंह, डीन कालेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. युद्धवीर सिंह, निदेशक डीएलसी प्रो. नसीब सिंह गिल, निदेशक यूसीसी डा. जीपी सरोहा, निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी समेत इस ऑनलाइन बैठक/कार्यशाला में 190 प्राचार्य तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।

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