जयपुर ।कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने आई है ।ऐसे समय में समाज एवं संगठन भी पुरजोर तरीके से आगे आ गए हैं । जैन समाज ने देश भर में ऑक्सीजन बैंक बनाने का निर्णय लिया है । इसके तहत 50 करोड़ की लागत के 10,000 कंसंट्रेटर मशीने खरीदकर देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जाएंगी । समाज के अग्रणी संगठन भारतीय जैन संघटना, पिंकसिटी की ओर से 35 कंसंट्रेटर लाए गए हैं और इस योजना का शुभारंभ श्री पुनीत कर्णावत उप महापोर जयपुर ग्रेटर के कर कमलों से करवाया गया है ।भारतीय जैन संघटना, पिंकसिटी के उपाध्यक्ष विजय दूधोड़िया ने बताया कि इस दौरान राजस्थान के विभिन्न जिलों में लगभग 500 कंसंट्रेटर्स भेजे जाएंगे । सेक्रेटरी आतिश लोढ़ा ने बताया की मिशन राहत के तहत जयपुर में आज 30 और मालपुरा में 5 कंसंट्रेटर मशीने दी जाएंगी । इसी के साथ में भारतीय जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र लूंकड़ ने बताया कि ‘समाज स्वस्थ रहें सुरक्षित रहें’ अभियान के तहत छोटे बड़े गांव कस्बों में पीड़ितों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का लक्ष्य है । भारतीय जैन संघटना के संस्थापक शांति लाल मुथा की प्रेरणा से रोगियों के लिए ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए समाज ने कंसंट्रेटर मशीनें पहुंचाने का निर्णय बहुत पहले ही ले लिया था समाज के भामाशाहों को तैयार किया गया ।

साथ ही पूर्व-अध्यक्ष राजीव मुसल ने बताया कि बीजेएस पिंकसिटी श्री जैन श्वेतांबर खर्तरगच्छ संघ जयपुर और सर्व ह्यूमिनिटी संस्था के माध्यम से रोगियों को तकरीबन 100 बेड की व्यवस्था विचक्षण यात्री निवास, त्रिमूर्ति सर्किल, जयपुर पर भी की गई है जो कि निशुल्क ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सुविधा के साथ रुकने की व्यवस्था भी दी गई है | इस व्यवस्था में भोजन भी संस्थाओं द्वारा मिल कर दिया जाएगा | रोगी को इस सुविधा का लाभ उसको जब तक हॉस्पिटल में बेड ना मिल जाए तब तक दिया जायेगा |
प्रोजेक्ट डायरेक्टर सीए सचिन कुमार जैन ने बताया की संगठन ने अपनी वेबसाइट http://www.bjssuraksha.com/ के माध्यम से ऑनलाइन रिक्विजिशन फॉर्म भी तैयार किया है | जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति जयपुर में कही से भी इनकी मशीनों की उपलब्धता के अनुसार आवेदन कर सकता है | *प्रोजेक्ट डायरेक्टर विजय दुधोड़ीया* ने बताया कि संगठन सामाजिक सरोकार की पूर्ति करवाने के क्षेत्र में एक और प्रयास करते हुए प्रत्येक व्यक्ति से 5 पेड़ लगाने का शपथपत्र भी लेगी क्यूंकि ऑक्सीजन के मूल स्त्रोत बढाना अतिआवश्यक है।