नई दिल्ली,( दिनेश शर्मा “अधिकारी”)।भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर का पांच दिन का अमेरिकी दौरा भी पूरा होने का कोई नतीजा अभी सामने आया नहीं हैं। 24 से 28 मई के इस दौरे पर जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलिवान, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन समेत कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों से मुलाक़ात की.। दौरे से पहले विशेषज्ञों का अनुमान था कि कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति और भारत-प्रशांत क्षेत्र में नीतियों के लिहाज़ से ये दौरा अहम है। वहीं, राजनीतिक हलकों में इसे यूं भी अहम माना जा रहा था कि जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद ये किसी शीर्ष भारतीय मंत्री का पहला अमेरिकी दौरा है। भारत को इस दौरे से क्या हासिल हुआ, इस पर बात करने से पहले आपको बताते हैं कि जयशंकर के अमेरिकी दौरे पर क्या-क्या हुआ।जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद ये भारत की ओर से पहला बड़ा राजनीतिक दौरा था. परंपरा के मुताबिक़ तो इसे फ़रवरी-मार्च में ही हो जाना चाहिए था, लेकिन कोविड की वजह से इसमें कुछ देरी हुई.