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मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार की चर्चा जोरों पर

– फॉर्मूले के तहत 12 से 15 मंत्री बदले जाने की संभावना
जयपुर: राजस्थान की राजनीति में अभी एक ही चर्चा है कब और कैसे होगा गहलोत मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार !. कहा जा रहा बकायदा इसके लिए तय किया जा रहा फॉर्मूला, जिसके तहत 12 से लेकर 15 मंत्री बदले जाने की बात है. 12 में तीन वो है जिनके पास दोहरी जिम्मेदारी है. युवा और महिला वर्ग को प्रमुखता से लेने की बात हो रही है. इसी माह में मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं है. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरी रचना रची जायेगी. इसके लिए सीएम गहलोत के पास मंत्री बनाने को लेकर फ्री हैंड होगा.16 अक्टूबर को दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद देर रात तक राहुल गांधी के आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजय माकन के बीच मंत्रिमंडल फेरबदल विस्तार और राज्य की नियुक्तियों को लेकर मंथन हुआ था. तब से ही मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं तेज है. कैसे और कब मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार होगा इसके लिए बाकायदा फॉर्मूला तय किए जाने की चर्चा है.
– 12 से लेकर 15 मंत्री बदले जाने की बात है, 12 में तीन वो है जिनके पास दोहरी जिम्मेदारी है
– SC, ST, माइनोरिटी, जाट, ब्राह्मण पर फोकस रहेगा. एक जमाने में ये ही कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक था.
– बदलती सियासत में राजपूत, मूल ओबीसी, गुर्जर को साधने की बात.
– जिस जाति का मंत्री हटेगा संभव है उसी वर्ग से रिप्लेस किया जाएगा.
– युवा और महिला वर्ग को प्रमुखता से लेने की बात .
– जो मंत्री हटेंगे उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी.
– कुछ एआईसीसी में शिफ्ट होंगे और कुछ पीसीसी में.
– पहली बार बने विधायक को मंत्री नहीं बनाया जायेगा. लेकिन जो पहले सांसद रह चुका है वो मंत्री बन सकता है.
– पहली बार बने विधायक को संसदीय सचिव बनाने की बात.
– पायलट कैंप से तकरीबन तीन या चार मंत्री होंगे.
– सीपी जोशी कैंप से भी दो मंत्री बनाए जा सकते हैं.
– सीएम गहलोत को पूरी कवायद में फ्री हैंड होगा.
– फार्मूले के तहत गृह, वित्त महकमों के मंत्री बनाए जाएंगे.
– मौजूदा सरकार में इन महकमों के पहली बार मंत्री बनाए जाएंगे.
– निर्दलीय विधायकों में संयम लोढ़ा, महादेव सिंह खंडेला और बाबू लाल नागर मंत्री बन सकते हैं.
– बीएसपी से कांग्रेस में आए विधायकों में राजेंद्र सिंह गुढ़ा का नंबर लगेगा. अन्य विधायको को संसदीय सचिव बनाया जाएगा.
– सीएम गहलोत सभी निर्दलीय और 6 को साथ लेकर चलेंगे.
– आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरी रचना रची जायेगी.
प्रियंका गांधी के यूपी में महिलाओं को 40 फीसदी टिकट देने की घोषणा का असर राजस्थान में भी नजर आ सकता है. सीएम गहलोत अपने मंत्रिपरिषद में महिलाओं को व्यापक भागीदारी दे सकते हैं, गहलोत मंत्रिमंडल विस्तार में 3 और संसदीय सचिवों में 2 से 3 महिला विधायकों को प्रतिनिधित्व देकर यूपी चुनाव में सियासी संदेश दिया जाएगा कि अगर यूपी में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनती है तो महिला विधायकों को मंत्रिमंडल गठन में अहमियत दी जाएगी. बहरहाल सीएम गहलोत कब पटाक्षेप करेंगे इस पर सबकी नजरें टिकी है.

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