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मंत्री बनने गए दिल्ली और बाड़े बंदी में फंस गए

जयपुर।राज्य विधानसभा के तीन निर्दलीय विधायकों सहित आधा दर्जन विधायको को मंत्री बनने का लालच देकर दिल्ली ले जाया गया था उन्हें कहा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से मुलाकात करवा के उनका मंत्री पद फाइनल करा दिया जाएगा।
जानकारी मिली है कि मंत्री पद दिलवाने का वादा सचिन पायलट की ओर से रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह ने दिया था उन्हें समझाया गया कि मंत्रिमंडल में 6 पद भरे जाने हैं क्योंकि मास्टर भंवरलाल मेघवाल की तबीयत नहीं सुधरने के कारण उन्हें मंत्रिमंडल से ड्रॉप कर दिया जाएगा 5 पद रिक्त है इसीलिए 6 नए मंत्री बनने हैं। मंत्री बनने का जिन विधायकों को प्रलोभन दिया गया उनमें कांग्रेस के हेमाराम चौधरी, बृजेंद्र ओला, गजेंद्र सिंह शक्तावत तथा तीन निर्दलीय विधायक सर्वश्री खुशवीर सिंह, सुरेश टाक और ओम प्रकाश हुडला शामिल थे।

इन विधायकों के निकटवर्ती सूत्रों के अनुसार उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि सचिन पायलट सब् मैनेज कर लेंगे और सारे नये मंत्री उनके कहने से बनाए जाएंगे, इन विधायकों ने शंका जताई कि मुख्यमंत्री नहीं माने तो वे अधर में लटक जाएंगे तब इन्हें विश्वास दिलाया गया कि सचिन पायलट अपने कोटे से पूर्व में बने चार मंत्रियों को हटाने की कह देंगे इसके लिए प्रताप सिंह खाचरियावास, भजन लाल जाटव, सुखराम विश्नोई तथा उदयलाल आंजना का नाम बताया गया, कहा गया कि प्रताप सिंह और आंजना अनियमितता के मामलों में लिप्त हैं तथा सुखराम विश्नोई और भजनलाल की परफॉर्मेंस भी कमजोर है इसलिए आलाकमान इन चारों को हटा देगा और यह चारों पद गहलोत अपनी इच्छा से भर लेंगे।

जानकार सूत्रों के अनुसार इन सभी विधायकों की यह बात गले उतर गई और वे दिल्ली कूच कर गए, दिल्ली में जब 2 दिन तक सोनिया गांधी के यहां से समय ना मिला तो उन्हें कहा गया कि कुछ और विधायको के आने का इंतजार किया जा रहा है। तीन निर्दलीय सहित 18 अन्य विधायक एक साथ एकजुट हो गए थे लेकिन तीन विधायक जो दिल्ली तो थे पर अलग ठहरे थे उन्हें दाल में कुछ काला लगा तो वे जयपुर लौट गए परंतु यह आधा दर्जन विधायक मंत्री बनने के लालच में सोनिया गांधी जी से मिलने का इंतजार करते रह गए जब उन्हें पता लगा की सोनिया गांधी से मिलने की बात ही नहीं थी उन्हें तो दिल्ली सचिन पायलट ने बगावत के लिए एकत्र करके रखा है तथा यह सब भाजपा के कब्जे में पहुंच गए हैं। इनमें से कुछ विधायकों ने अपने फोन ले लिए जाने से पहले अपने परिजनों और मित्रों को बताया की उनके साथ धोखा हो गया है। मंत्री बनने का लालच उन्हें भारी पड़ा है वे जयपुर लौटना चाहते हैं परंतु उनकी घेराबंदी व्यापक है और पुलिस तथा बाउंसर उनके इर्द-गिर्द हैं जो होटल से किसी के फोन के निर्देश पर ही उन्हें इधर से उधर कर रहे हैं।

अब राजस्थान में उनके परिजनों का कहना है कि यह लौटकर कांग्रेस सरकार का समर्थन करेंगे इन्होंने कोई पैसा भाजपा या सचिन पायलट से नहीं लिया है यदि 25 करोड रुपए हर बागी विधायक को दिया गया है तो बिना परिवार वालों की जानकारी के कोई भी ऐसी इतनी बड़ी रकम को छुपा नहीं सकता।

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