Site icon OmExpress

मदनी के बयान पर भड़के गिरिराज सिंह बोले-भारतीय मुसलमानों के पास हिंदू डीएनए



-जिन्ना की सोच वाले को बंटवारे के समय पाकिस्तान भेज देना चाहिए था



नई दिल्ली – : जमीयत उलेमा-ए-हिंद के 34वें आम अधिवेशन में दारुल उलूम देवबंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी द्वारा आदम को हिंदू और मुसलमान का पूर्वज बताने वाले अरशद मदनी पर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि ये लोग जिन्ना की सोच वाले हैं, बंटवारे के समय इन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए था।
मौलाना अरशद मदनी ने कहा था कि ओम और अल्लाह एक ही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि जब धरती पर कोई नहीं था, तब मनु किसे पूजते थे? मदनी ने आदम को ही हिंदू और मुसलमान का पूर्वज बताया। उनके इन्हीं बयानों पर गिरिराज सिंह ने कहा है कि मदनी इस तरह के बयान से माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों के पास हिंदू डीएनए है, क्योंकि वे इस्लामी शासन के दौरान परिवर्तित हुए थे।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि मदनी हो या जो हो, मोदी की सरकार को बदनाम करने के लिए ये सब कर रहे हैं। 1400 साल इस्लाम की आयु है। जबकि इससे पुराना तो ईसाई धर्म है। ईसाई 2200 साल पुराना है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि हमारे ओम और शिव अनादि हैं। हमारे कई ऋषि हैं, जिन्होंने हजारों साल तपस्या की है। मुगलों ने ही हमारे पूर्वजों को मुसलमान बनाया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने गलती की। जब आजादी के बाद देश का बंटवारा हुआ तो इनको पाकिस्तान भेज देना चाहिए था। ये लोग जिन्ना की सोच वाले हैं।
-कई मुस्लिम विद्वानों की भी अलग राय
बता दें कि कई मुस्लिम विद्वानों का भी मौलाना अरशद मदनी के बयानों से अलग राय है। शहाबुद्दीन रिजवी का कहना कि भारत में जब इस्लाम आया तो उससे पहले कई मजहब यहां पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मिसाल के तौर पर बौद्ध, जैन और आर्यन यहां के मजहब हैं और इस्लाम बहुत बाद में आया। भारत में इस्लाम नया मजहब है। शहाबुद्दीन रिजवी ये भी बताया कि भारत में इस्लाम आक्रांताओं के साथ ही आया था।

Exit mobile version