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मनुष्य के कर्म ही उसके विचारों की सबसे बड़ी व्याख्या है-नरसी कुलरिया

बीकानेर।ओम एक्सप्रेस -इस चुनौतीपूर्ण कार्य को रिकार्ड समय में पूरा करने को लेकर नरसी ग्रुप के सीएमडी नरसी कुलरिया ने बताया यह चुनौती स्वीकार करना हमारा कर्तव्य था और कर्तव्य कोई ऐसी वस्तु नही है,जिसको नाम-जोखकर देखा जा सके।अपने कर्म के प्रति समर्पण भाव ही कार्य का निष्पादन सही तरीके से करता है।नरसी कुलरिया ने कहा कि देखा जाए तो मनुष्य के कर्म ही उसके विचारों की सबसे बड़ी व्याख्या है और कर्म भले ही सदा सुख न ला सके,किंतु कर्म के बिना सुख नही मिलता इसलिए आदमी को अपने जीवन मे सदा कर्मशील रहना चाहिए ।

विप्रो के इस 504 बेड की कोविड अस्पताल के इंटीरियर का काम 45 रिकॉर्ड दिनों में पूरा करने का श्रेय नरसी अपनी टीम को देते है।उन्होंने बताया कि ग्रुप के अधिकारी से लेकर लेबर तक इस चुनौती को पूरा करने के लिए एक जज्बे के साथ जुटे रहे जिसके लिए पूरा श्रेय उन्ही को जाता है क्योकि उनके काम के प्रति जो जज्बा दिखाया उसी का परिणाम है कि हमारे ग्रुप ने इस कार्य को समय रहते पूरा किया।टीम द्वारा जो समर्पण भाव इस काम के प्रति दिखाया गया उससे प्राप्त संतुष्टि ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

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