-पश्चिम बंगाल के भवानीपुर में सीएम ममता बनर्जी ने रेकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर ली -ममता बनर्जी अपनी सीएम पद की कुर्सी बचाने में भी कामयाब हो गई है।- -ममता ने बीजेपी की उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल से 58 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की।

भवानीपुर , ( ओम एक्सप्रेस )। पश्चिम बंगाल के भवानीपुर उपचुनाव में सीएम ममता बनर्जी ने रेकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर ली है। इसी के साथ वह अपनी सीएम पद की कुर्सी बचाने में भी सफल हो गई हैं। ममता बनर्जी को यहां एकतरफा जीत मिली, उन्होंने बीजेपी की उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 58,839 वोटों से पटखनी दी। ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव बेहद अहम था क्योंकि सीएम पद पर बने रहने के लिए उन्हें विधानसभा का सदस्य होना जरूरी था।
सीएम ममता ने जीत के बाद जनता को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि भवानीपुर से हमेशा से कम मतदान हुआ। उन्होंने चुनाव आयोग पर तंज कस्ते हुए कहा कि भवानीपुर जैसी छोटी जगह में 3500 सुरक्षाकर्मी लगाए गए। सीएम ममता ने कहा कि जनता ने कई तरह की साजिशों को झुठला दिया है। भवानीपुर विधानसभा सीट का रिजल्ट आ गया है। सीएम ममता बनर्जी 58,832 वोटों से चुनाव जीत गई हैं। राउंड 21 की गिनती के बाद ममता बनर्जी को 84709 वोट मिले।

ममता दीदी का पं. बंगाल में जलवा बरकरार, तीनों विधानसभा उपचुनाव में हासिल की जीत.
पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड की चार सीटों पर सोमवार को हुए विधानसभा उपचुनाव के परिणाम गुरुवार को घोषित हुए. पश्चिम बंगाल में जहां टीएमसी ने तीनों सीट पर जीतकर अपना दबदबा बरकरार रहा है, वहीं उत्तराखंड में भी सत्ताधारी भाजपा ने अपनी पकड़ बनाए रखी है. पश्चिम बंगाल के तीन विधानसभा सीटों में से करीमपुर सीट पर टीएमसी के बिमलेंदु सिंघाराय ने भाजपा के प्रकाश मजुमदार पर 24,199 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. खड़गपुर सदर सीट पर टीएमसी के प्रदीप सरकार ने भाजपा के प्रेमचंद्र झा को 20,811 वोटों के अंतर से हराया. कांग्रेस के चितरंजन मंडल तीसरे स्थान पर रहे. कालियागंज विधानसभा सीट से टीएमसी के तपन देब सिंघा ने भाजपा के कमल चंद्र सरकार को 2,304 मतों के अंतर से हराया. कांग्रेस के लिए यहां मिली हार सबसे बड़ा झटका रहा, क्योंकि यह कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है. उपचुनाव कांग्रेस विधायक परमार्थनाथ राय के निधन के बाद हुआ.

– बंगाल में तीनो विधानसभा के उप चुनाव का परिणाम
पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में एक बार ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का जलवा बरकरार रहा है, भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर खाली हाथ रही है। उपचुनाव के परिणाम बीजेपी के लिए मायूसी वाले रहे हैं। अहम वजह है कि 2021 के चुनाव में बीजेपी की सरकार बनने के दावे करने वाले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के गढ़ में भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।
बंगाल में मिली जीत से गदगद ममता बैनर्जी ने इसे मां, माटी, मानुस की जीत बताया. साथ ही उन्होंने साथ ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के गुरुर में प्रदेश की जनता का अपमान करने का परिणान उन्हें भुगतना पड़ा है.
बता दें कि पश्चिम बंगाल की करीमपुर, खड़गपुर सदर और कालीगंज विधानसभा सीट और उत्तराखंड की पिथौरागढ़ सीट में सोमवार को उपचुनाव हुआ था. पश्चिम बंगाल की खड़गपुर सदर और करीमपुर में उपचुनाव मौजूदा विधायकों के सांसद बन जाने की वजह से तो उत्तर दिनाजपुर जिले के कलियागंज में कांग्रेस के मौजूदा विधायक परमहंस राय के निधन के बाद उपचुनाव कराना पड़ रहा है. वहीं उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के विधायक की मौत के बाद चुनाव करना पड़ा है.
खड़गपुर सदर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप सरकार ने 20,788 मतों के अंतर से जीत हासिल की। वहीं कालियागंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस ने 2,304 मतों से जीता है। पश्चिम बंगाल की खड़गपुर सदर, करीमपुर और कालीगंज विधानसभा सीटों पर, 75.34 फीसद मतदान हुआ था।
हालाँकि उत्तराखण्ड में एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी को विजय मिली है। पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को जीत मिली है। इस सीट पर भाजपा के चंद्रा पंत ने तीन हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
पिथौरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में 47 फीसद से अधिक मतदाताओं ने राज्य की अपना वोट डाला। कुल 1,05,711 मतदाताओं के लिए निर्वाचन क्षेत्र में कुल 145 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी पैर जमाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। पार्टी पश्चिम बंगाल में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों को अभी से अहम ज़िम्मेदारियाँ दी हैं।