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महारानी कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में देश विदेश के विद्वानों का हुआ समागम

-होगी मानवाधिकारों पर चर्चा

बीकानेर।राजकीय सुदर्शन कन्या महाविद्यालय बीकानेर एवं राजकीय राज ऋषि महाविद्यालय अलवर के संयुक्त तत्वधान में 18 से 20 जनवरी 2023 को आयोजित होने वाली तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी “मल्टीडिसीप्लिनरी एस्पेक्ट्स ह्यूमन राइट्स एंड एनवायरमेंट” के उद्घाटन सत्र का आज भव्य आयोजन हुआ। इस संगोष्ठी में देश विदेश के लगभग 600 लोगों ने पंजीयन करवाया है।कॉन्फ्रेंस का प्रारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया, जिसमे हमारे अतिथि गण ने मां सरस्वती की माल्यार्पण एवं दीपप्रज्ज्वल कर आयोजन की शुरुआत की|हमारे आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय डॉ विनोद कुमार सिंह थे। आज के गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ रविंद्र मंगल, डॉ एमएम सक्सेना, डॉक्टर विजय श्री गुप्ता, डॉक्टर हुकुम सिंह,डॉक्टर सतनाम, डॉक्टर निशिथ धारिया, डॉ राकेश हर्ष, डॉ शशि कला, डॉ बीएन लांबा, डॉक्टर अनिल कुमार छंगानी, डॉक्टर जीपी सिंह, डॉक्टर अरुण भारद्वाज, डॉ शशि वर्मा, डॉक्टर कौशल पारिक, डॉ रविंद्र कुमार ने पधार कर कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाया| अतिथि गणों का महारानी कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर विजय श्री एवं आरआर कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर हुकम सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया और उनके अनूठे कार्यों के लिए उन्हें शॉल व मोमेंटम देकर सम्मानित किया । विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलपति, आरएनबी ग्लोबल यूनिवर्सिटी डॉ रविंद्र मंगल ने अपने उद्बोधन में विज्ञान और प्रकृति संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि विज्ञान के द्वारा की जा रही उन्नति से प्रकृति का किसी प्रकार नुकसान ना हो इस हेतु प्रयास करने की आवश्यकता है यह प्रकृति आने वाली पीढ़ी के लिए भी अत्यंत उपयोगी है अतः इसकी रक्षा अवश्यंभावी रूप से की जानी चाहिए। विशिष्ट अतिथि, कुलपति टाटिया विश्वविद्यालय श्रीगंगानगर, डॉक्टर एमएम सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम जिस धरती पर रहते हैं उसे हम किराए की समझें और उसका संरक्षण करें एक अन्य परिप्रेक्ष्य में इसे हम अपनी धरोहर भी कह सकते हैं, जिसका संरक्षण हर परिस्थिति में किया जाना चाहिए। मुख्य अतिथि कुलपति महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय डॉ विनोद कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा हर हाल में आवश्यक है। हम समस्त प्रकार के भेदभावों को मिटा कर एक संपूर्ण प्राणी बने और उनके अधिकारों का महत्व समझें तभी समस्त प्राणियों के अधिकारों की रक्षा हो सकती है। अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की संरक्षक डॉ विजय श्री गुप्ता ने संबोधित करते हुए बताया कि हमें संसाधनों का प्रयोग बहुत ही संभाल कर करना चाहिए जिससे उनकी क्षति ना हो| संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ शशि वर्मा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण भी हमारा मानव अधिकार है,यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखें| डब्लू सी सी के निदेशक डॉक्टर निशिथ धारिया ने छात्र को बढ़ावा देते हुए कहा कि वे वन्य जीव संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण कार्य का भाग बने|अंत में महारानी कॉलेज बीकानेर और राज ऋषि कॉलेज अलवर के बीच एक एमओयू साइन किया गया एक अन्य एमओयू राज ऋषि कॉलेज अलवर और डब्ल्यूबीसी के मध्य हुआ कार्यक्रम का संचालन अलवर से पधारी कार्यक्रम आयोजन सचिव डॉक्टर ममता शर्मा ने किया। दूसरे दिन का प्रारंभ मां सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलन कर किया गया आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री बीआर परमार, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक एलआईसी रहे। मंच पर आसीन सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य व संगोष्ठी की संरक्षक डॉ विजय श्री ने अपने उद्बोधन में विगत सत्र की उपलब्धियां बताते हुए आगामी सत्रों में किए जाने वाले पत्र वाचनों हेतु सभी विद्वानों को अग्रिम बधाई दी तथा संगोष्ठी के सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में दो सत्रों में अध्यक्षता करने वाले पर्यावरणविद प्रोफेसर डॉ अनिल छंगानी ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की परंपरागत व्यवस्थाएं जिनमें ओरण गोचर नाड़ी तालाब जोड़ पाइतन आदि जो कि सभी प्राकृतिक संसाधनों वह जैव विविधता के आवास हैं उनकी उपयोगिता आज भी प्रासंगिक है जिनमें किसी भी तरह का भेद नहीं किया जा सकता तथा सभी को समान रूप से इनका उपभोग करने का अवसर मिलना चाहिए। डॉक्टर मीरा श्रीवास्तव ने पेस्टिसाइड्स के प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि मानव अधिकार में सर्वप्रथम अधिकार जीवन का है के लिए सुरक्षित पर्यावरण परम आवश्यक है अन्य परिप्रेक्ष्य में सभी के लिए भोजन भी उनका अधिकार है भोज्य पदार्थों में उपयोग होने वाले पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल को कम कर मानव जीवन को सुरक्षित करने का प्रयास हम सभी की जिम्मेदारी है प्रकृति में प्राकृतिक जीव जंतुओं की सुरक्षा भी आवश्यक है अतः पेस्टिसाइड्स पर नियंत्रण की आवश्यकता है। डॉक्टर निशिथ धारिया ने संरक्षण की उपयोगिता पर बल देते हुए जीव संरक्षण हेतु प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विशाल गौतम विवेक शंकर तथा डॉक्टर शेफाली में भी पत्र वाचन किए। मंच संचालन डॉक्टर ममता शर्मा ने किया।

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