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महाराष्ट्र मंत्रीमंडल के विस्तार से नाराज है शिव सेना के नेता

प्रचंड हीनू हिरदे सम्राट की पार्टी के विधायक अपने सम्राट से नाराज है उनका कहना है की महाराष्ट्र सरकार की सारी मलाई सम्राट ने कांग्रेस और एनसीपी को दे दी है .और हमे खुरचन ही दी गयी है !

मुंबई /महाराष्ट्र में लंबी खींचतान के बाद उद्धव सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा कर दिया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इसे मंजूरी भी दे दी है। हालांकि शिवसेना के भीतर घमासान अभी भी जारी है। शिवसेना के कई दिग्गज नेता विभाग के बंटवारे से खुश नहीं हैं। करीब दर्जन भर विधायकों ने अपनी असंतुष्टि जाहिर की है। शिवसेना के इन नेताओं का मानना है कि उन्हें कम ओहदे वाले विभाग मिले हैं, जबकि अच्छे विभाग एनसीपी और कांग्रेस के पास चले गए हैं। बता दें कि गृह, वित्त, रेवेन्यू, हाउसिंग, पब्लिक वर्क और वाटर रिसोर्स जैसे महत्वपूर्ण विभाग एनसीपी और कांग्रेस के पास गए हैं।

पूर्व सरकार में मंत्री रहे कई वरिष्ठ नेता नाराज
पूर्व सरकार में मंत्री रहे शिवसेना नेता दिवाकर रावते, रामदास कदम, रवींद्र वायकर, दीपक केसरकर को भी इस बार मौका नहीं मिला है। इस वजह से इनकी नाराजगी भी देखी जा रही है। इसके अलावा प्रताप सरनाईक, प्रकाश अबिटकर और आशीष जायसवाल भी नाराज बताए जा रहे हैं।

सीएम उद्धव ठाकरे से मिले तानाजी सावंत
देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रहे तानाजी सावंत इस बार भी मंत्री के रेस में थे। पर, नाम नहीं आने पर उनकी नाराजगी साफ दिखी है। उन्होंने पिछले हफ्ते उद्धव ठाकरे से मिलकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी।

इन्हें मिला यह विभाग
एनसीपी के नेता अनिल देशमुख को गृह मंत्रालय और अजित पवार को वित्त मंत्रालय दिया गया है। इसके अलावा शिवसेना के नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को पर्यटन और पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है। नए मंत्री बनाए गए पूर्व सीएम अशोक चव्हाण को उद्धव ठाकरे सरकार में शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही कांग्रेस के नेता बालासाहेब थोराट को राजस्व मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। खास बात यह की गृह मंत्रालय समेत तमाम बड़े मंत्रालय एनसीपी को दिए गए हैं।

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