झुंझनू,(दिनेश शर्मा अधिकारी”)। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं द्वारा जिला कारागृह, राजकीय संप्रेषण एवं बाल गृह में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायधीश सचिव श्रीमती दीक्षा सूद ने बताया कि मानवाधिकार गैर-भेदभावपूर्ण है यानि सभी इंसानों को लोगों का हक है और उन्हें इससे बाहर नहीं किया जा सकता है और दुविधा यह है कि सभी व्यक्ति मानव अधिकारों के हकदार हैं, लेकिन उन्हें पूरे विष्व में समान रूप से अनुभव नहीं करते है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण असमानताओं को कम करने और मानव अधिकारों को आगे बढ़ाने के उद्देष्य से आगे बढ़ रहा है तथा विधिक सेवा के नये आयाम बना रहा है। न्यायधीश श्रीमती सूद ने कहा कि यह दुखद है कि मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता के बावजूद दुनिया भर से मानवाधिकारों के उल्लंघन की कई घटनाएं सामने आती है। उल्लंघन की चपेट में आने वालों में से अधिकांष समाज के गरीब और वंचित वर्ग से है जिनमें षिक्षा का भी अभाव है व अपने विधिक अधिकारों की जानकारी का भी अभाव है। अतः इन मानवाधिकारों के उल्लंघन के मुद्दे को उठाने और साथ ही अधिक से अधिक लोगों को अपने स्वयं के अधिकारों के बारे में जागरूक करने के उद्देष्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी के साथ न्यायधीश श्रीमती सूद ने यह अपील की “अंतिम चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत” में सभी अपने विचाराधीन प्रकरण दर्ज करवाकर उनका निस्तारण करवायें ताकि समय व धन की बचत हो सके तथा बिना किसी मनमुटाव के मामलों का निस्तारण हो सके। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति, खेतड़ी, चिड़ावा, पिलानी, उदयपुरवाटी, नवलगढ़ व बुहाना में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।