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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण

पीड़ितों जनता को बांटी राहत सामग्री
Masood taimuri
इटावा। जनपद के बीहड़ी क्षेत्र यमुना और चंबल से लगे गांवों में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र का आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवाई सर्वेक्षण कर जायजा लिया उन्होंने कहा कि जनपद इटावा व औरैया में बाढ़ के राहत कार्यो की समीक्षा की जा रही है। खाने के पैकेट व राहत सामग्री लोगों में कैम्प के माध्यम से लगातार ही बांटी जा रही है। हमारी सरकार जनता की सुरक्षा व बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिये प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने बाद में पुलिस लाइन परिसर में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी व जनता को सम्बोधित किया। फिलहाल अभी बाढ़ के पानी से बीहड़ वासियों को कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही। शनिवार तक जहां दोनों ही नदियों के जलस्तर में कुछ कमी आ रही थी वहीं रविवार को राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद एक बार फिर से चम्बल का जलस्तर बढ़ता नजर आ रहा है। इस बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ ही प्रभावित इलाके के लोगों को भी मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उनका कहना है कि यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो राहत एवं बचाव का काम भी प्रभावित हो सकता है। फिलहाल जनपद में एनडीआरएफ के साथ ही एसडीआरएफ व पीएसी की रेस्क्यू टीम को भी दूरदराज के इलाकों में खाने पीने का सामान व राशन किट लेकर लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है। जिससे जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री को पहुंचाया जा सके।जिले में यमुना नदी का जलस्तर शनिवार रात कम होना शुरू हो गया था लेकिन रविवार दोपहर एक बजे के बाद नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ोतरी शुरू हो गयी। वहीं खतरे के निशान से सात मीटर ऊपर बह रही चंबल के जलस्तर में भी आई कमी शनिवार रात अचानक थम गई और नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। जिसके कारण रविवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 126.90 मीटर दर्ज किया गया हालांकि दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक नदी का जलस्तर समान बना रहा। चंबल क्षेत्र के केंद्रीय जल आयोग स्थल प्रभारी शहजादे खान ने बताया कि फिलहाल नदी के जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी है। इसका कारण आसपास के जिलों में हो रही बारिश है जिससे जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

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