-राजस्थान यूनिवर्सिटी ने अपने स्नातकोत्तर विभागों के लिए सेमेस्टर के साथ ही क्रेडिट प्रक्रिया तय कर रखी है….

ओम एक्सप्रेस – जयपुर।
राजस्थान यूनिवर्सिटी ने अपने स्नातकोत्तर विभागों के लिए सेमेस्टर के साथ ही क्रेडिट प्रक्रिया तय कर रखी है लेकिन होम साइंस विभाग में स्थिति कुछ अगल ही है। यहां छात्राओं को पीजी में उत्तीर्ण होने के लिए जरूरी न्यूनतम क्रेडिट के हिसाब से पढ़ाई और प्रेक्टिकल करवाए जाते हैं, जबकि बाकी विभागों में अधिकतम क्रेडिट के हिसाब से पढ़ाई करवाई जा रही है। जबकि यूनिवर्सिटी के नियम सभी विभागों के लिए समान है।

एबीवीपी ने इस मामले की शिकायत कुलपति से भी की है। दरअसल, राजस्थान विश्वविद्यालय के सभी स्नातकोत्तर विभागों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है जिसमें 36 क्रेडिट के पेपर एक सेमेस्टर में होते हैं। पीजी के चारों सेमेस्टरों को मिलाकर 144 क्रेडिट स्कोर के पेपर होते है। इसमें में न्यूनतम कुल 120 क्रेडिट के पेपर पास करने होते हैं। लेकिन होम साइंस विभाग में पीजी के चारों ही सेमेस्टर में महज 120 क्रेडिट स्कोर के हिसाब से पढ़ाई करवाई जाती है और केवल 120 क्रेडिट के पेपर ही फॉर्म में भरवाए जाते हैं।

एबीवीपी के जिला संयोजक सज्जन कुमार सैनी ने इस मामले से कुलपति को अवगत करवाते हुए कहा है कि अगर किसी विद्यार्थी के किसी एक भी पेपर में निर्धारित से कम स्कोर आएगा तो उसका पूरा साल खराब हो सकता है। वहीं, इस मामले में होम साइंस विभाग की एचओडी डॉ मुक्ता अग्रवाल का कहना है कि सिलेबस 144 क्रेडिट के हिसाब से ही निर्धारित है लेकिन विद्यार्थी 120 क्रेडिट से जुड़े पेपर प्रेक्टिकल ही चुनते हैं। हालांकि एचओडी ने यह भी कहा कि जब सिलेबस रिवाइज होगा तो विद्यार्थियों के लिए सेल्फ स्टडी के आधार पर कुछ क्रेडिट स्कोर सिलेबस में जोड़ने पर विचार करेंगे।