बीकानेर। सोना भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रखता है। आज से नहीं बल्कि पुरातन काल से ही इस धातु का भारतीय परंपरा में विशेष महत्व है। हर शुभ अवसर पर लोग अपनों को इसे भेंट करते हैं। हमारे पूर्वजों ने सोना खरीदने के लिए कुछ शुभ दिन भी बताए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार धनतेरस, छोटी दीपावली एवं बड़ी दीपावली ये तीनों दिन सोने-चाँदी के आभूषण, सिक्के, मूर्ति आदि खरीदारी के लिए श्रेष्ठ हैं। इसके साथ ही चांदी के बर्तन तथा उससे बनी हुई मूर्तियां हमेशा देवी देवताओं के लिए शुद्ध मानी गई। उनमें किया गया पूजन हमेशा शुद्ध माना जाता है। इसी प्रकार शास्त्रों के अनुसार सोना भगवान विष्णु का प्रतीक माना गया है और इसको पहन कर जब स्त्री पूरा श्रृंगार करके अच्छे मुहूर्त में या दीपावली के मुहूर्त में नए-नए कपड़े-जेवर पहनकर पूजन करती है तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं इसीलिए धनतेरस से लेकर दीपावली के दिन तक तीन दिन सोना खरीदने का और चांदी खरीदने का विशेष मुहूर्त होता है। सोना आपकी एक ऐसी बचत है जो आपके लिए 24 घंटे के किसी भी समय आपके किसी भी विपरीत परिस्थिति में आपके हमेशा काम आती है और जब आप जेवर खरीदें तो फैशन के साथ-साथ ट्रेडिशनल भी रहे।
मुहुर्त में खरीदें सोना-चाँदी, वैभव बना रहेगा : सुनील सिपानी


अच्छे मुहूर्त पर जेवर जब खरीदे जाते हैं तो जल्दी-जल्दी उनके लिए विपरीत परिस्थिति नहीं पैदा होती हैं। इसीलिए हमेशा अच्छे मुहूर्त में ही सोना चांदी खरीदना चाहिए ताकि आपके यहां सदा वैभव बना रहे। श्रीश्याम ज्वैलर्स के डायरेक्टर सुनील सिपानी ने बताया कि केवल धनतेरस का ही दिन खरीदारी के लिए नहीं होता है। धनतेरस छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली तीनों दिन आप सोने तथा चांदी के जेवर मूर्तियां बर्तन खरीद सकते हैं। खासतौर पर सोने का सिक्का अथवा चाँदी का सिक्का खरीदकर भी आप निवेश के रूप में शगुन कर सकते हैं।


