जयपुर।रंग निर्देशक, नाटककार, नाट्य शिक्षक मोहन महर्षि का मंगलवार को निधन हो गया। हिंदी रंगमंच की प्रतिस्थापन में उनका बड़ा योगदान रहा है। राजस्थान के इस रंगकर्मी ने अपनी अंतिम सांस तक रंगमंच के लिए काम किया। धर्मवीर भारती के नाटक ‘ अंधायुग ‘ का उनके निर्देशन में अद्वितीय मंचन हुआ था। महर्षि निर्देशित ये नाटक बहुत चर्चित हुआ। वे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पॉपुलर शिक्षक थे। उनके निधन पर एनएसडी के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ अर्जुन देव चारण, नाटककार डॉ नन्दकिशोर आचार्य, प्रदीप भटनागर, आशीष चारण, संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के सदस्य मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘ आदि ने शोक जताया है।
रंगकर्मी मोहन महर्षि का निधन

