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रंगा कि राजस्थानी कहानी को काफी सराहना एवं प्रशंसा मिली



-इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल में कमल रंगा ने कहानी पाठ किया

बीकानेर,।भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं केंद्रीय साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इंटरनेशनल लिटरेचर फेस्टिवल ’उन्मेष’ 3 अगस्त से 6 अगस्त, 2023 तक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुआ। जिसका महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा शुभारंभ किया गया, जो एशिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव रहा।
यह उत्सव अभिव्यक्ति को समर्पित था। इसमें बीकानेर राजस्थान के वरिष्ठ राजस्थानी कवि, कथाकार, आलोचक, अनुवादक एवं केंद्रीय साहित्य अकादमी, नई दिल्ली से मुख्य राष्ट्रीय पुरस्कार एवं अनुवाद के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कमल रंगा ने भी इस महत्वपूर्ण साहित्य समारोह जिसमें 13 देश और विदेश के साहित्यकारों एवं करीब 103 भाषाओं के आमंत्रित रचनाकरों ने अलग-अलग विषयों पर वाचन किया। इसी समारोह में कमल रंगा ने भी राजस्थानी कहानी का प्रतिनिधित्व करते हुए सहभागिता करी। कमल रंगा द्वारा अपनी नई राजस्थानी कहानी जो कि बिल्कुल नए कथ्य समलैंगिकता पर केंद्रित थी, ’सबक’ शीर्षक की कहानी का पहले कुछ हिस्सा रंगा द्वारा राजस्थानी में वाचन किया गया और उसके बाद में उसका हिंदी अनुवाद प्रस्तुत किया। रंगा द्वारा प्रस्तुत कहानी वाचन सत्र में उपस्थित देश-विदेश से आए हुए अनेक साहित्यकारों ने उसकी सराहना करते हुए प्रशंसा करी, उक्त बहुभाषी कहानी पाठ की अध्यक्षता देश के वरिष्ठतम ख्यातनाम साहित्यकार गोविंद मिश्र ने करी एवं कमल रंगा सहित सभी कहानीकारों का सम्मान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने किया।
बहुभाषायी कहानी पाठ जिसका केन्द्रीय भाव एक विश्व बुनना था, इस कहानी पाठ में राजस्थानी, हिंदी, ओड़िया, तमिल, तेलुगू आदि भारतीय भाषाओं के कहानीकारों ने भी अपनी कहानी का वाचन किया।
इस कार्यक्रम में देश के ख्यातनाम साहित्यकार डॉ नंदकिशोन आचार्य, डॉ अर्जुनदेव चारण, शीन काफ निजाम, मधु आचार्य, डॉ सी.पी. देवल, मो. जमान आर्जुदा, डॉ दिलिप झवेरी, डॉ. ललित, कवि अमरनाथ ’अमर’, डॉ ब्रजरतन जोशी, डॉ मदन गोपाल लढा, संजय पुरोहित आदि की गरिमामय सानिध्य एवं साक्षी रही।

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